
अस्पताल में लम्बी कतार, मरीज को नहीं मिल रही है राहत
झालावाड़. आसपास के क्षेत्र व निकटवर्ती मध्यप्रदेश के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में जिला मुख्यालय के अस्पतालों में आने वाली बीमारों की भीड़ का दिन कतारों में लगकर चक्कर काटने में बीत जाता है इससे मरीज ज्यादा बीमार पड़ जाता है वही परिजनों की भी तबियत बिगड़ जाती है। पत्रिका डॉट कॉम ने जब दोनो अस्पताल के आऊटडोर का जायजा लिया तो हालात बिगड़ी हुई नजर आई।
- मरीजों की भीड़ का बढ़ता आंकड़ा चिकित्सालय के आऊट डोर में जहां रविवार को 1 हजार 415 मरीज आए थे वहीं सोमवार को इनका आंकड़ा दुगने से भी ज्यादा 3 हजार 140 तक पहुंच गया था। इस दौरान सबसे ज्यादा मेडिकल में 578, सर्जरी में 211, गायनिक में 251, अस्थि रोग के 286, शिशु रोग के 246 वहीं चर्म रोग के 514 मरीजों की भीड़ अस्पताल में आई। वही आऊटडोर में स्थित जांच केंद्र पर 108 मरीजों की जांच के लिए सेम्पल लिए गए।
-मध्यप्रदेश के जिलों से आते है मरीज राजकीय चिकित्सालयों में जिले व आसपास के क्षेत्र के अलावा मध्यप्रदेश के जिलों मंदसौर, शाजापुर, राजगढ़, आगर, सहित बड़े कस्बों माचल पुर, भानुपरा, सुसनेर, नलखेड़ा, श्यामगढ़, गरोठ खिलचीपुर व जीरापुर आदि क्षेत्रों से बड़ी संख्या में मरीज नियमित रुप से झालावाड़ आते है। -कतारों मे करनी पड़ती है मशक्कत मरीज को सबसे पहले टिकट लेने के पंजीकरण काऊंटर पर लाईन में लगना पड़ता है, इसके बाद चिकित्सक को दिखाने के लिए लम्बी लाइन, दिखाने के बाद जांच की पर्ची के लिए लाइन, इसके बाद जांच के लिए सेम्पल देने के लिए लाइन, दवाई के लिए दवा काऊंटर पर लाईन, जांच लेने के लिए लाइन, जांच लेकर दौड़ते हुए चिकित्सक तक पहुंचना लेकिन तब तक आऊटडोर बंद और मरीज असंमजस्य में और तबियत बिगड़ी। इस कार्य में मरीज को आऊटडोर खुलने से लेकर बंद होने तक सिर्फ परेशान होकर इधर उधर भटकना ही पड़ता है। दूसरे दिन चिकित्सक को दिखाने के लिए फिर से कतार में लग कर वही प्रक्रिया से रुबरु होना पड़ता है।
-मेडिकल आऊटडोर का दृश्य सोमवार को राजकीय एसआरजी चिकित्सालय के आऊटडोर में फिजिशियन को दिखाने के लिए आऊटडोर के मुख्य द्वार के बाहर तक मरीजों की कतार लगी हुई थी। कक्ष में चार चिकित्सक मरीज देखने में लगे थे। कतार में करीब एक घंटे से 63 वें नम्बर पर खड़े जिले के भवानी मंडी क्षेत्र के गांव सेमली भवानी निवासी रतन लाल ने बताया कि बुखार आने पर यहां दिखाने आया था, लाइन में लगे लगे ही अब तो ज्यादा तबियत खराब होने लगी है। वही कक्ष में मरीजों को देखने में लगे वरिष्ठ चिकित्सक डॉ.आर.डी.माथुर ने बताया कि हम तो जितनी जल्दी हो मरीज का इलाज कर रहे है। कक्ष में चार चिकित्सक मरीजों को देखने में लगे थे। द्वार पर एक महिला होम गाडऱ् मरीजों की भीड़ को नियंत्रित करने की मशक्कत कर रही थी।
-पंजीकरण काऊंटर का दृश्य चिकित्सकों को दिखाने के लिए टिकट लेने के लिए पंजीकरण काऊंटर पर 19 वें नम्बर पर कतार में लगे मध्यप्रदेश के नलखेड़ा से आए अम्बाराम ने बताया कि खड़े खड़े पैर दर्द हो गए लेकिन क्या करु तबियत खराब है डाक्टर को दिखाने के लिए टिकट तो लेना पड़ेगा।
-निशुल्क जांच की पर्ची काऊंटर का दृश्य चिकित्सकों द्वारा लिखी गई जांच के लिए पहले पर्ची बनवानी पड़ती है। यहां लम्बी लाईन में 21 वें नमबर पर लगे मध्य प्रदेश के भानपुरा कस्बे से आए प्रतीक ने बताया कि डाक्टर ने जांच लिखी है, जांच करवाने गए तो वहां पहले इसकी भी पर्ची लाने को बोला , काफी देर से लाइन में लगा हूं, थक गया लेकिन क्या करें।
-निशुल्क दवा वितरण केंद्र का दृश्य राजकीय एसआरजी चिकित्सालय में निशुल्क दवा वितरण केंद्र पर दवा लेने के लिए भी मरीजों की लम्बी कतार नजर आई। यहां कतार में लगे जितेंद्र ममतानी ने बताया कि अस्पताल में आने के बाद शुरु से ही हर जगह कतार में लगते हुए परेशान हो गए अब यह आखरी लाइन में से दवाई लेकर जान छुडाऊंगा।
-चर्म रोगियों की लाइन भी बाहर तक राजकीय हीरा कुंवर महिला चिकित्सालय में स्थित चर्म रोग आऊटडोर में मरीजों की लम्बी कतार भी द्वार तक पहुंच गई। मरीज थक हार कर जमीन पर बैठे नजर आए। मरीजों की कतार में 47 वें नम्बर पर बैठे मध्यप्रदेश के भानपुरा से आए रफीक मोहम्मद ने बताया कि पैर में खुजली चलती है इसलिए यहां दिखाने आया, एक घंटा होने को है लेकिन नम्बर अभी तक नही आने से थकान आ गई और जमीन पर बैठ गया हूं। यहां चार चिकित्सक मरीजों को देखने में जुटे थे। वरिष्ठ चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ.अतुल विजय ने बताया कि मौसम परिवर्तन के कारण उमस से भी कई प्रकार के चर्म रोग उभर जाते है इसलिए इन दिनो मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है।
-गायनिक में परेशान होती नजर आई महिलाएं -राजकीय हीरा कुंवर महिला चिकित्सालय में चिकित्सकों दिखाने के लिए महिलाओं की भी लम्बी कतार नजर आई। एक कक्ष में एक पुरुष चिकित्सक व एक महिला चिकित्सक महिलाओं की जांच करते नजर आए। जिले के पिड़ावा क्षेत्र के गाव सिरपोई से आई पार्वती 23 वें नम्बर पर चिकित्सक को दिखाने के लिए कतार मेंं बेठी नजर आई। उसने बताया कि जाने कब उसका नम्बर आएगा, उसने आशंका जाहिर की कि अभी टाईम पर नम्बर नही आया और डाक्टर उठ गई तो मजबूरन पैसे देकर घर पर दिखाने जाना पड़ेगा।
-व्यवस्था सुधारने का प्रयास करेगें इस सम्बंध में अस्पताल अधीक्षक डॉ.राजन नंदा का कहना है कि चिकित्सालय में बड़ी संख्या में मरीजों की आवक होती है। इसके लिए अलग अलग काऊंटर बना रखे है। अवकाश के दूसरे दिन जरुर परेशानी आती है, इसे भी उचित योजना बनाकर व्यवस्था सुधारने का प्रयास करेगें।
Updated on:
06 Aug 2018 06:25 pm
Published on:
06 Aug 2018 06:16 pm
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