
Long-term nose closure can be dangerous
लंबे समय से नाक बंद तो हो सकती है खतरनाक
जयपुर .
सर्दी-जुकाम से नाक बंद होना एक आम समस्या है। लेकिन लंबे समय से दोनों तरफ या एक तरफ की नाक बंद हो रही है तो इसका कारण पोलीप हो सकता है। नाक व साइनस की झिल्ली का फूलकर रसौली की तरह बन जाना फिर इसमें द्रव्य बढऩे पर यह फूलने लगे तो इस समस्या को पोलीप्स कहते हैं। लगातार एलर्जी का रहना या संक्रमण होने से पोलीप्स की शिकायत होती है।
दो प्रकार का होता है पोलीप्स -
नारायणा हॉस्पीटल के नाक, कान, गला रोग विशेषज्ञ व हेड एंड नेक कैंसर सर्जन डॉ. दीपांशु गुरनानी बताते हैं कि, सामान्यत: पोलीप्स दो तरह का होता है, एंट्रोकोनल पोलीप और एथमोइडल पोलीप। एंट्रोकोनल पोलीप में नाक के पास चेहरे की हड्डी में स्थित मेक्सीलरी साइनस से उत्पन्न होकर यह रसोली नाक में आती है और नाक में आगे या पीछे, कहीं भी बढ़ सकती है जिससे नाक बंद हो जाती है। यह समस्या बच्चों और युवाओं में नाक के एक तरफ ही उत्पन्न होती है। वहीं एथमोइडल पोलीप नाक के अंदर आंख के पास स्थित एथमोइड साइनस से उत्पन्न होकर साइनस में भी पनप सकते हैं। नाक के ऊपर सिर में स्थित फ्रंटल साइनस, नाक के अंदरूनी भाग में दिमाग से सटे स्फेनोइड साइनस में भी इसके पनपने का खतरा हो सकता है।
ऐसे हो सकते हैं लक्षण -
जुकाम बने रहना, नाक का एक या दोनों तरफ बंद रहना, सूंघने की क्षमता में कमी, सिर दर्द, छींक आना, पोलीप का नाक के बाहर दिखाई देना।
सर्जरी के बाद भी एलर्जी पर नियंत्रण जरूरी
नाक साइनस की दूरबीन से जांच कर उसकी जांच कर इसे स्क्रीन पर देख सकते हैं। इसके अलावा सीटी स्कैन जांच से इनकी वास्तविक स्थिति, आकार व संरचना के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की जा सकती है। ये कैंसर तो नहीं होते लेकिन फिर भी संदेह दूर करने के लिए इनकी बायोप्सी जांच भी की जाती है। पोलीप के संक्रमण या एलर्जी को दवाओं से नियंत्रित किया जा सकता है। ओरल स्टेरॉइड दवाओं या नेजल स्प्रे से ये काफी हद तक सिकुड़ भी सकते हैं। अधिकांश मामलों में दूरबीन से फंक्शनल एंडोस्कोपिक साइनस सर्जरी द्वारा इन्हें हटाकर ठीक किया जा सकता है।
- डॉ. दीपांशु गुरनानी, सीनियर ईएनटी स्पेशलिस्ट
Published on:
21 May 2018 09:16 pm
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