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अब ऐसे लगेगा भगवान राम के वंशजों का पता, राजस्थान में ये कर चुके हैं वंशज होने का दावा

Lord Rama lineage : Ram Mandir Issue को लेकर Supreme Court में रोजाना सुनवाई हो रही है। Jaipur के राजपरिवार ( Royal Family ) सहित कई लोगों ने खुद को भगवान राम का वंशज बताया है। ऐसे में सदियों से पोथियों को सहेजकर रखने वाली बड़वा राव समाज ने भी राम के वंशजों ( Bhagvan Ram ke Vanshaj ) का पता लगाने का बीड़ा उठाया है।

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जयपुर

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rohit sharma

Aug 25, 2019

जयपुर। Lord Rama lineage : सदियों से चल रहा राममंदिर ( Ram Mandir Issue ) निर्माण का मुद्दा सुर्ख़ियों में है। लेकिन इस बार मंदिर बनने का निर्णय कारण नहीं है बल्कि कारण है राम के वंशज। जी हां भगवान राम के वंशज। अब तक भगवान राम के वंशज होने के कई दावे तो हो चुके हैं लेकिन अब वक़्त है साक्ष्य पेश करने का। ऐसे में सदियों से पोथियों को सहेजकर रखने वाली बड़वा राव समाज ने भी राम के वंशजों का पता लगाने का बीड़ा उठाया है।

बता दें कि इन दिनों राममंदिर को लेकर सुप्रीम कोर्ट ( Supreme Court ) में रोजाना सुनवाई हो रही है। सुनवाई के दौरान राम के वंशजों को लेकर बात आई तो जयपुर के राजपरिवार सहित कई लोगों ने खुद को भगवान राम का वंशज बताया है।

मंत्री खाचरियावास भी कर चुके हैं दावा
कोर्ट में सुनवाई के दौरान जज ने भगवान राम के वंशजों के संबंध में साक्ष्य मांगे थे। कोर्ट के साक्ष्य मांगने के बाद पूरे देशभर में भगवान राम के वंशज सामने आए। जयपुर राजघराने ने भी खुद को भगवान राम का वंशज बताया है। उधर परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ( Pratap Singh Khachariyawas ), एएजी सत्येंद्र सिंह राघव ने भी दावा किया है कि वे भगवान राम के वंशज हैं। इस संबंध में सभी ने अपने—अपने तर्क भी पेश किए हैं।

भगवान राम के वंशजों का पता लगाएगी ये कमेटी
महासभा की प्रबंध समिति ने 5 सदस्यीय कमेटी का गठन किया है जो एक महीने में सभी समाज के लोगों से मिलकर भगवान राम के वंशजों का पता लगाएगी। इसके बाद रिकॉर्ड को संबंधित राजपरिवारों को प्रस्तुत किया जाएगा, ताकि वे सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष रख सकें। समाज की ओर से पहले भी समय—समय पर न्यायालयों में साक्ष्यों के रूप में पोथियां पेश की जाती रही है। समाज के पास पोथियां, बहियां, ताम्रपत्र मौजूद हैं। ये सभी दस्तावेज हस्तलिखित हैं। समिति पदाधिकारियों ने ऐलान किया है कि वे संबंधित घरानों और क्षत्रियों को न्यायालय में अपना पक्ष रखने में मदद करेंगे।