जयपुर. जैन धर्म के सोलहवें तीर्थंकर भगवान शांतिनाथ के तीन कल्याणक जन्म, तप एवं मोक्ष गुरुवार को भक्तिभाव से मनाए गए। इस मौके पर शहर के 225 से भी अधिक दिगंबर जैन मंदिरों में पूजा अर्चना के विशेष आयोजन हुए तथा मोक्ष का प्रतीक निर्वाण लाडू चढ़ाया गया ।
राजस्थान जैन युवा महासभा जयपुर के प्रदेश महामंत्री विनोद जैन ने बताया कि दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र शांति नाथ जी की खोह समेत शहर के मंदिरों में सुबह भगवान शांतिनाथ का जलाभिषेक एवं पंचामृत अभिषेक कर विश्व में सुख-शांति और समृद्धि की कामना करते हुए मंत्रोच्चार के साथ शांति धारा की गई। अष्ट द्रव्य से पूजा करते हुए जन्म, तप कल्याणक के अर्घ्य चढ़ाए गए। इसके बाद निर्वाण लाडू चढ़ाया गया। शांतिनाथ की महाआरती के बाद कार्यक्रम समापन हुआ।