6 फ़रवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

रामनवमी: शंख, घंटा-घडिय़ाल की ध्वनि के बीच मंदिरों में जन्मे प्रभु श्रीराम

शहर में छाया श्रीराम जन्मोत्सव का उल्लास राम मंदिरों में दोपहर में भगवान राम लला का जन्माभिषेक हुआ

2 min read
Google source verification
mandir shri ramchandra ji

mandir shri ramchandra ji

जयपुर। सुकर्मा योग, रवि पुष्य योग, रवि योग का संयोग में रविवार को रामनवमी धूमधाम से मनाई गई। मंदिरों में हो रहे आयोजनों से राजधानी में रामजन्मोत्सव का उल्लास नजर आ रहा है। परंपरानुसार जहां घर-घर नवमीं पूजन हुआ, कन्याओं केा भोजन कराया गया। वहीं शहर के श्रीराम मंदिरों में प्रभु श्रीराम की जन्म की खुशियां बिखरी। राम मंदिरों में दोपहर में भगवान राम लला का जन्माभिषेक हुआ, जिसमें 'भए प्रकट कृपाला दीनदयाला... के साथ राम जन्मोत्सव का शंखनाद हुआ। हवाई गर्जना कर खुशियां मनाई गई। राम व हनुमान मंदिरों में दिनभर विशेष झांकी के दर्शन हो रहे है।

रामजी को धारण करवाए रजवाड़ी आभूषण

चांदपोल बाजार के मंदिरश्रीरामचन्द्रजी में महंत नरेंद्र तिवाड़ी के सान्निध्य में राम जन्मोत्सव का मुख्य आयोजन हुआ। सुबह मंगला से विशेष पूजा अर्चना शुरू हुई। सुबह 11 बजे ठाकुरजी का पंचामृत अभिषेक किया गया। इसके बाद इत्र, गुलाब, केशर, केवड़ा मिलाकर अभिषेक किया गया। अभिषेक के बाद विशेष शृंगार कर राम दरबार को रत्न जडि़त जरदोजी पोशाक पोशाक धारण करवाई गई। भगवान श्रीराम के साथ पूरे राम दरबार को हीरे, मोती, पन्ना, माणक, नीलम, सोना-चांदी के विशेष रजवाड़ी आभूषण धारण कराए गए। दोपहर में आरती के बाद पंजीरी और पंचामृत वितरण किया गया। इस मौके पर 51 किलो मावे का केक भी काटा गया। सोमवार को श्री सीताराम जी मंदिर समाज की ओर से मंदिर परिसर में बधाई उत्सव का आयोजन किया जाएगा।

सियारामजी की हुई महाआरती

श्री खोले के हनुमान मंदिर में रामनवमी पर्व पर सुबह राम जन्मोत्सव का उल्लास नजर आया। सुबह श्रीरामजी का विभिन्न तीर्थों से लाए गए जल से स्नान व 108 औषधियों व पंचामृत से अभिषेक कर षोडशोपचार पूजन किया गया। इसके बाद फूल बंगले की झांकी सजायी गई। दोपहर में सियारामजी की महाआरती की गई।

51 हवाई गर्जनाओं के बीच प्रगटे रामलला

मंदिर श्री सीतारामजी छोटी चौपड़ में महंत नन्द किशोर के सान्निध्य में भगवान राम का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया जा रहा है। मंदिर परिसर को रंग-बिरंगे फूलों और भगवा पताकाओं से सजाया गया। सुबह 11 बजे ठाकुरजी का 51 किलो पंचामृत से अभिषेक किया गया। दोपहर 1.30 बजे 51 हवाइयों व वेद मंत्रोच्चार के बीच पालने में प्रभु श्रीराम की जन्म आरती हुई। मंदिर प्रवक्ता विमल शर्मा ने बताया कि इसके बाद पालने में ठाकुरजी की बाल स्वरूप झांकी सजाई गई और पंजीरी का भोग लगाया गया। भक्तों ने चालो चालो जी अवध राज दरबार..., हीरा मोतिया से महंगी आज की घड़ी... बधाई पद गाए। शाम 7 बजे ठाकुरजी की 2100 दीपकों से महाआरती कर दीपक उत्सव मनाया जाएगा और आतिशबाजी की जाएगी।