जयपुर। पशुपालन मंत्री लालचन्द कटारिया ने राज्य में लम्पी स्किन डिजीज को फैलने से रोकने के लिए संक्रमण से अप्रभावित इलाकों में तेजी से टीकाकरण करने के निर्देश दिए है। कटारिया के मुताबिक प्रदेश में अभी तक 6 लाख 87 हजार पशुओं का टीकाकरण किया जा चुका है। पश्चिमी राजस्थान में संक्रमण एवं मृत्यु दर में लगातार गिरावट आ रही है और जैसलमेर जिले में पिछले एक सप्ताह से लम्पी रोग से किसी जानवर के मरने की रिपोर्ट नहीं मिली है। कटारिया गुरुवार को यहां पंत कृषि भवन में वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों सहित सभी संभाग एवं जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए बैठक कर लम्पी स्किन डिजीज की स्थिति एवं रोकथाम के लिए किये जा रहे प्रयासों की समीक्षा कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि रोगी पशुओं के उपचार के लिए किसी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी। जिलों में स्थानीय स्तर पर दवाइयों की खरीद के लिए आवश्यक वित्तीय प्रावधान किए गए हैं। इसके अलावा कॉन्फेड के माध्यम से जिलों की मांग अनुरूप औषधियों की आपूर्ति भी की जा रही है। उन्होंने प्राप्त औषधियों को जिला औषधि भंडार में अनावश्यक नहीं रखकर तुरंत संस्थाओं को भिजवाने के निर्देश दिए। उनका कहना था कि राज्य में इस बीमारी की शुरुआत पश्चिमी क्षेत्र से हुई थी जो अब पूर्वी भाग तक पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि पश्चिमी राजस्थान में अब लम्पी रोग के केस कम हो गए हैं। जोधपुर तथा बीकानेर संभाग में रिकवरी रेट अच्छी है और संक्रमण एवं मृत्यु दर में लगातार गिरावट आ रही है। जैसलमेर जिले में पिछले एक सप्ताह से लम्पी रोग से किसी जानवर के मरने की रिपोर्ट नहीं मिली है।
गौशालाओं का पुन: निरीक्षण करने के निर्देश
पशुपालन मंत्री ने अधिकारियों को सभी गौशालाओं का पुन: निरीक्षण करने के निर्देश देते हुए कहा कि प्रदेश में मानसून का दौर फिर से सक्रिय होने की संभावना के दृष्टिगत गौशालाओं में साफ.सफाई का विशेष ध्यान रखें ताकि संक्रमण को रोकने में मदद मिल सके। उन्होंने जन प्रतिनिधियों के सम्पर्क में रहकर लम्पी रोग के रोकथाम के प्रभावी प्रयास करने के निर्देश दिए। बैठक में पशुपालन विभाग की शासन उप सचिव कश्मी कौर,निदेशालय में पदस्थापित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। सभी संभाग व जिला स्तरीय अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंस से शाामिल हुए।