
इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए लीची खाएं
पेट के लिए अच्छी होती है लीची
लीची में डाइटरी फाइबर की मात्रा बहुत अच्छी होती है, जो पाचन संबंधी समस्याओं से राहत दिलाता है। इसके अलावा यह गैस्ट्रिक और डाइजेस्टिव जूस को भी बढ़ाता है। इससे पोषक तत्वों का अवशोषण बढ़ता है। इस तरह कब्ज एवं गेस्ट्रोइंस्टेस्टाइनल डिस्आर्डर को दूर करने के लिए लीची बहुत कारगर होगी।
कैंसररोधी होती है लीची
चीन के एक अध्ययन से सामने आया कि लीची के फल में पाए जाने वाले पॉलीफिनोलिक कंपाउंड्स एंटी ऑक्सीडेंट्स की तरह काम करते हैं। यह कंपाउंड्स एंटी कैंसर एजेंट के रूप में लिवर में कैंसर सेल्स को ग्रोथ करने से रोकते हैं। इसके अलावा लीची ऑर्गेनिक कंपाउंड का भी अच्छा सोर्स है, जो कई प्रकार के कैंसर की रोकथाम करते हैं। एक अन्य अध्ययन के अनुसार लीची ब्रेस्ट एवं प्रोस्टेट कैंसर से बचाती है।
मेंटल हेल्थ
दिमागी विकास के लिए भी लीची को लाभकारी माना जाता है। कुछ अध्ययनों से सामने आया कि संज्ञानात्मकता क्रियाशीलता को बढ़ाने के लिए लीची का सेवन करना फायदेमंद है। यह न्यूरो इंजरी का रोकथाम कर अल्जाइमर की आशंका को भी कम करती है। इसलिए गर्मी में लीची जरूर खाएं।
ब्लड प्रेशर सही रहेगा
जिन लोगों को बीपी की समस्या है, उन्हें लीची का सेवन विशेषतौर पर करना चाहिए। यह शरीर में तरल पदार्थों को बैलेंस रखने के साथ ही सोडियम का स्तर भी कम करने का काम करती है। यह कार्डियोवैस्कुलर सिस्टम के तनाव को भी कम कर हृदय रोगों की आशंका को कम करती है।
इम्यूनिटी
लीची मेें विटामिन सी का स्तर बहुत अच्छा होता है। यह विटामिन सी की कमी को दूर करने के साथ ही इम्यूनिटी बढ़ाता है। दरअसल, विटामिन सी बहुत अच्छा एंटी ऑक्सीडेंट है, जिसे श्वेत रक्त कणिकाओं को बढ़ाने के लिए भी जाना जाता है। इस तरह शारीरिक क्षमता के बढऩे से कई तरह के रोगों से लडऩे की ताकत मिलती है और बीमारियों का खतरा कम होता है।
एंटी वायरल
लीची में एंटी वायरल प्रॉपर्टीज भी होती हैं, जो शरीर को वायरस से लडऩे की ताकत देती हैं। इतना ही नहीं, लीची में पावरफुल फिनोलिक कंपाउंड भी ेहोता है, जो वजन कम करने, त्वचा को हानिकारक यूवी किरणों से बचाने, ब्लड सर्कुलेशन को सही रखने जैसे काम करता है। साथ ही यह खून को साफ कर त्वचा संबंधी विकारों को भी दूर करने का काम करती है।
इस बात का रखें ध्यान
शुगर का अच्छा सोर्स होने के कारण लीची का सेवन मुधमेह रोगियों को नहीं करना चाहिए। नहीं तो, रक्त शर्करा स्तर गढ़बढ़ा सकता है। लीची को गर्म फल भी माना जाता है, इसलिए इसका बहुत अधिक सेवन करने से शरीर में पोषक तत्वों का बैलेंस असंतुलित हो सकता है। साथ ही नाक से खून आना, फीवर एवं गले में दर्द जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं।
Published on:
20 Jun 2019 05:08 pm
बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
