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Rajasthan: किरोड़ी लाल मीणा के सपोर्ट में उतरे मदन दिलावर, बोले- ‘फिर तो मैं भी ईमानदार नहीं’

राजस्थान में बीज निगम रिश्वत कांड को लेकर सियासत तेज हो गई है। विपक्ष की तरफ से मंत्री किरोड़ी लाल मीणा पर निशाना साधने पर मदन दिलावर ने एतराज जताया है। उन्होंने कहा कि 'मैं मंत्री किरोड़ी लाल मीणा को छात्र जीवन से जानता हूं, वे ईमानदार व्यक्ति हैं। यदि वे बेईमान हैं तो मैं भी ईमानदार नहीं हूं।'

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जयपुर

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Kamal Mishra

Jun 09, 2026

Kirori Lal Meena and Madan Dilawar

शिक्षा मंत्री मदन दिलावर और कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा (फोटो-पत्रिका नेटवर्क)

जयपुर। राजस्थान राज्य बीज निगम में कथित रिश्वत और नकली बीज प्रकरण को लेकर प्रदेश की राजनीति लगातार गरमाती जा रही है। एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) द्वारा बीज निगम के निदेशक जुगल किशोर विश्नोई सहित अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद विपक्ष सरकार और कृषि मंत्री डॉ किरोड़ी लाल मीणा को घेरे हुए है। इसी बीच राज्य सरकार की ओर से पहली बार खुलकर कृषि मंत्री के समर्थन में आवाज उठी है। शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने डॉ किरोड़ी लाल मीणा का बचाव करते हुए उनकी ईमानदारी की जोरदार पैरवी की।

दिलावर ने कहा कि वे डॉ किरोड़ी लाल मीणा को छात्र जीवन से जानते हैं। उन्होंने बताया कि जब किरोड़ी बीकानेर मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई कर रहे थे, उस समय वे स्वयं पॉलिटेक्निक कॉलेज में अध्ययनरत थे। मंत्री ने कहा कि उन्होंने वर्षों से किरोड़ी लाल मीणा को करीब से देखा है और उनकी ईमानदारी पर कोई सवाल नहीं उठाया जा सकता। उन्होंने यहां तक कह दिया कि 'यदि किरोड़ी लाल मीणा बेईमान हैं तो मैं भी ईमानदार नहीं हूं।'

एसीबी की कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ -दिलावर

मंत्री ने एसीबी की कार्रवाई को भाजपा सरकार की भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त नीति का प्रमाण बताया। उनका कहना था कि सरकार किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं करेगी और चाहे कोई कितना भी प्रभावशाली व्यक्ति क्यों न हो, दोषी पाए जाने पर कार्रवाई तय है। उन्होंने कहा कि बीज निगम और कृषि विभाग से जुड़े लोगों पर हुई कार्रवाई यह साबित करती है कि सरकार ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर पूरी मजबूती से काम कर रही है।

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अपने गिरेबान में झांकने की नसीहत

वहीं, कांग्रेस द्वारा लगाए जा रहे आरोपों पर पलटवार करते हुए दिलावर ने कहा कि विपक्ष को पहले अपने शासनकाल के मामलों का जवाब देना चाहिए। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से विभिन्न विभागों में सामने आए कथित घोटालों और संबंधित अधिकारियों की भूमिका पर स्पष्टीकरण देने की मांग की। साथ ही कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और पूर्व मंत्री महेश जोशी पर भी निशाना साधते हुए उनके कार्यकाल से जुड़े विवादों का उल्लेख किया।

वायरल तस्वीरों पर मंत्री का जवाब

डॉ किरोड़ी लाल मीणा और एसीबी कार्रवाई में नाम आने वाले अधिकारियों के साथ वायरल तस्वीरों को लेकर पूछे गए सवाल पर दिलावर ने कहा कि किसी सार्वजनिक कार्यक्रम या सरकारी दौरे में सैकड़ों लोग नेताओं के साथ फोटो खिंचवाते हैं। केवल तस्वीर के आधार पर किसी व्यक्ति की भूमिका तय नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि यदि किसी विभाग का कोई कर्मचारी या अधिकारी दोषी पाया जाता है तो उसके आधार पर पूरे विभाग या उससे जुड़े सभी लोगों को कटघरे में खड़ा करना उचित नहीं है।

अशोक गहलोत ने निष्पक्ष जांच की उठाई मांग

इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी मामले को गंभीर बताते हुए सोशल मीडिया पर उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की है। गहलोत का आरोप है कि किसानों से जुड़े इस कथित घूसकांड की कड़ियां ऊंचे स्तर तक जुड़ी हुई प्रतीत होती हैं और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच से ही सच्चाई सामने आ सकेगी। वहीं सरकार और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप के चलते यह मामला अब राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है।