गहलोत को संवैधानिक पद की गरिमा का भी ध्यान नही है
अरविन्द सिंह शक्तावत / जयपुर। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन लाल सैनी ( Madan Lal Saini ) ने कहा है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ( Cm Ashok Gehlot ) संवैधानिक पद पर रहते हुए भी राष्ट्रपति की जाति की बात करते है, यह घोर निंदनीय है। सैनी ने इस विषय में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि गहलोत को संवैधानिक पद की गरिमा का भी ध्यान नहीं है। सैनी ने बुधवार को यहां एक बयान जारी कर कहा कि कांग्रेस की रग-रग में जातिवाद बसा हुआ है। इसलिए उन्हें संवैधानिक पदों पर बैठे हुए व्यक्तियों की भी योग्यता के स्थान पर जाति ही दिखती है। सैनी ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से सवाल किया कि वे जातिवाद से ऊपर उठकर देश के बारे में कब सोचेंगे।
सैनी ने कहा कि राशन की दुकानों से सब्सिडी पर मिलने वाला इस महीने का अनाज लोडिंग, अनलोडिंग हुआ ही नहीं। कॉपरेटिव सोसायटी ने हाथ खड़े कर दिये कि उनके पास पैसा नही है। इसलिए सामान और अनाज नही आ सकता। इन परिस्थितियों मे प्रदेश का गरीब व्यक्ति तकलीफ में है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 30 लाख लोग ऐसे है, जिनके बारे में सरकार को कोई चिन्ता नहीं है। ये काम कांग्रेस ही कर सकती है कि गरीब का नाम तो कांग्रेस जरूर लेती है लेकिन उनके बारे मेें चिंतन करने का स्वभाव कांग्रेस का नही है। सैनी ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था चैपट हो चुकी है, एस.पी. और सी.आई. पर गोली चलाई जा रही है। दिन में थाने के पास हत्या हो रही है। छोटी-छोटी बच्चियों के साथ बलात्कार हो रहे है, अपराधी खुले घूम रहे है।