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Magh Gupt Navratri 2023: गुप्त नवरात्र शुरू, 9 दिन बनेंगे कई संयोग, लाएंगे सुख—समृद्धि

Magh Gupt Navratri 2023: नए साल का पहला गुप्त नवरात्र माघ शुक्ल प्रतिपदा पर रविवार से शुरू हुए, जो 30 जनवरी तक चलेंगे। इस बीच गुप्त स्थान पर मां दुर्गा की आराधना शुरू हो गई है। गुप्त नवरात्र में 9 दिन कई योग—संयोग भी रहेंगे।

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Magh Gupt Navratri 2023: गुप्त नवरात्र शुरू, 9 दिन बनेंगे कई संयोग, लाएंगे सुख—समृद्धि

Magh Gupt Navratri 2023: गुप्त नवरात्र शुरू, 9 दिन बनेंगे कई संयोग, लाएंगे सुख—समृद्धि

Magh Gupt Navratri 2023: जयपुर। नए साल का पहला गुप्त नवरात्र माघ शुक्ल प्रतिपदा पर रविवार से शुरू हुए, जो 30 जनवरी तक चलेंगे। इस बीच गुप्त स्थान पर मां दुर्गा की आराधना शुरू हो गई है। साधक गुप्त स्थान पर जाकर आराधना में लीन हो गए। गुप्त नवरात्र में 9 दिन कई योग—संयोग भी रहेंगे।

ज्योतिषाचार्य पं. दामोदर प्रसाद शर्मा ने बताया कि साल के चार नवरात्र में दो गुुप्त नवरात्र होते है, इनमें माघ के गुप्त नवरात्र आज से शुरू हो गए है। इस बार पूरे 9 दिन के गुप्त नवरात्र रहेंगे। इस बीच 23 जनवरी को तड़के 3.21 बजे से सूर्योदय तक सर्वार्थ सिद्धी और द्वि पुष्कर योग के साथ राजयोग रहेगा। इसी दिन रात 12.26 से रवि योग शुरू होगा, जो अगले दिन 24 जनवरी को शाम 4.28 बजे तक रहेगा। 25 जनवरी को दोपहर 12.35 बजे से रात 8.05 बजे तक कुमार योग, रवि योग रहेगा। 26 जनवरी को सर्वार्थ सिद्धि व रवि योग शाम 6.27 बजे से रहेगा। वहीं 27 जनवरी को सूर्योदय से शाम 6.37 बजे तक अमृत सिद्धि योग, रवि योग व रात को सर्वार्थसिद्धि योग भी रहेगा। 29 जनवरी को रात को 8.21 बजे से रवि योग शुरू होगा, जो 30 जनवरी को दिन—रात रहेगा।

सिद्धि योग में गुप्त नवरात्र शुरू
ज्योतिषाचार्य डॉ. रवि शर्मा ने बताया कि गुप्त नवरात्र में महाविद्याओं की साधना और पूजा—अर्चना की जाती है, साधक गुप्त स्थान पर जाकर मां दुर्गा की आराधना करते है। ज्योतिषाचार्य डॉ.अनीष व्यास ने बताया कि इस साल माघ गुप्त नवरात्रि का प्रारंभ सिद्धि योग में हुआ। आज सुबह 10:06 बजे तक वज्र योग है। उसके बाद से सिद्धि योग शुरू होगा, जो अगले दिन सुबह 5:41 बजे तक है। ऐसे में माघ गुप्त नवरात्रि का कलश स्थापना सिद्धि योग में होगी। कलश स्थापना के समय अभिजीत मुहूर्त में सिद्धि योग के होने से कार्य की सिद्धि होती है।

गुप्त नवरात्र में मनाए जाएंगे व्रत-उत्सव
ज्योतिषाचार्य व्यास ने बताया कि गुप्त नवरात्र में 25 जनवरी को विनायकी चतुर्थी व बसंत पंचमी आएगी। 26 जनवरी को भी बसंत पंचमी रहेगी। 28 जनवरी को अचला और रथ सप्तमी का पर्व रहेगा। 29 जनवरी को भीष्म अष्टमी का व्रत किया जाएगा। गुप्त नवरात्र के अंतिम दिन यानी 30 जनवरी को महानंद नवमी का उत्सव मनाया जाएगा।

साल के 4 नवरात्र
गुप्त नवरात्र — आषाढ़ और माघ मास में आते हैं
बड़े नवरात्र — चैत्र और आश्विन मास में बड़े नवरात्र होते है।

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मंदिर श्री गीता गायत्री जी में घट स्थापना
जयपुर। गुप्त नवरात्रा के उपलक्ष्य में गलता गेट स्थित मंदिर श्री गीता गायत्री जी में पंडित राज कुमार चतुर्वेदी सानिध्य घटस्थापना की गई। गीता गायत्रीजी का दिव्य पंचामृत और औषधि अभिषेक कर नवीन पोशाक धारण कार्रवाई गई। इसके बाद आरती की गई।