
Mahalaxmi Vrat 2020 Date Puja Vidhi , Mahalaxmi Vrat Katha
जयपुर. आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि लक्ष्मी पूजन के लिए श्रेष्ठ मानी जाती है। इस दिन महालक्ष्मी व्रत रखा जाता है, जिसे गजलक्ष्मी या हाथीपूजा भी कहा जाता है। महालक्ष्मी व्रत में शाम को हाथी पर विराजित मां महालक्ष्मी की पूजा की जाती है। ज्योतिषाचार्य पंडित सोमेश परसाई के अनुसार इस दिन विधिविधान से महालक्ष्मी की पूजा करने से हर मनोकामना पूरी होती है।
इस बार महालक्ष्मी व्रत 10 सितंबर को है. खास बात यह है कि लक्ष्मी प्राप्ति के उपाय करने के लिए भी यह दिन श्रेष्ठ है। इस दिन शाम को मां लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजा करने के साथ ही कुछ विशेष उपाय किए जाएं तो लक्ष्मीजी की प्रसन्नता से धनप्राप्ति जरूर होती है। ज्योतिषाचार्य पंडित नरेंद्र नागर बताते हैं कि अष्टमी पर शाम को गाय के घी का दीपक जलाएं। रुई की जगह बत्ती के रूप में लाल रंग का धागा रखें और इसमें जरा सा केसर भी डाल दें। इस दीपक को घर के ईशान कोण में रख दें। इससे कुछ दिनों में ही धन लाभ के योग बनने लगेंगे। धन—संपत्ति के लिहाज से यह बहुत उत्तम उपाय है।
महालक्ष्मी व्रत पर लक्ष्मी पूजन के समय घर के पुराने सोने—चांदी के सिक्कों की भी पूजा करें। इनके साथ कौड़ी रखकर उनका केसर और हल्दी से पूजन करें। सोने—चांदी के सिक्के न हों तो नोटों की पूजा करें और बाद में इन्हें कौडियों के साथ तिजोरी में रख दें। यह उपाय धन वृद्धि कराता है। आर्थिक समस्या दूर करने के लिए महालक्ष्मी व्रत के दिन मंदिर में जाकर मां लक्ष्मी को कमल के फूल चढ़ाकर सफेद रंग की मिठाई का भोग लगाएं। लक्ष्मी माता से धन प्रदान करने प्रार्थना करें। कुछ ही दिनों में उनकी प्रसन्नता से घर में पैसा आना शुरू हो जाएगा।
Published on:
09 Sept 2020 07:38 pm

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