
काली स्याही में राजनीति और जातिवाद का रंग, कहा गरीब जाट किसान की बेटी का अध्यक्ष होना नहीं आ रहा पसंद
जया गुप्ता / जयपुर. महारानी कॉलेज में गुरुवार को छात्रसंघ उद्घाटन समारोह के दौरान विरोध प्रदर्शन के दौरान हुए स्याही कांड ने अब नया रूप ले लिया है। आए हुए विशिष्ट अतिथि ने काली स्याही के रंग में राजनीति और जातिवाद का भी रंग मिला दिया है। अतिथि ने कहा कि गरीब जाट किसान की बेटी का अध्यक्ष होना कुछ लोगों को रास नहीं आ रहा है। इसलिए यह स्याही कांड कराया गया है।
गौरतलब है कि महारानी कॉलेज में गुरुवार को छात्रसंघ उद्घाटन समारोह कार्यक्रम आयोजित होना था। जिसकी पूरी तैयारी अध्यक्ष रितु बराला ने की थी। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डिप्टी सीएम सचिन पायलट, चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा, परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास, जाट महासभा के अध्यक्ष राजाराम मील आदि थे। इनमें से केवल राजाराम मील ही यहां पहुंचे थे। इस दौरान कुछ उपद्रवी छात्राओं ने कॉलेज में हो रहे कार्यक्रम का विरोध शुरू कर दिया। उपद्रवी छात्राओं ने कॉलेज की प्रिंसीपल अल्पना कटेजा और राजाराम मील आदि पर काली स्याही तक फेंक दी। उसके बाद पुलिस ने छात्राओं को कॉलेज परिसर से बाहर निकाला।
आया राजनीति और जातिवाद का रंग
घटना के बाद राजाराम मील ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि यह सब कॉलेज की प्रिन्सिपल अल्पना कटेजा ने कराया है। यहां पहली बार गरीब जाट किसान की बेटी रितु बराला का अध्यक्ष होना कई लोगों को नागवार गुजर रहा है। इन्हें केवल एबीवीपी के सवर्ण जाति के ही अध्यक्ष चाहिए। गरीब किसान की बेटी का अध्यक्ष होना तकलीफदेह हो रहा है।
बाहर की थी छात्राएं
राजाराम मील ने कहा कि उपद्रवी छात्राएं कॉलेज की नहीं थी। वे छात्राएं बाहर की थी। प्रिन्सिपल को पता था कि लड़कियां स्याही फेंकेगी। वे तुरन्त पीछे हट गई। मील ने कहा कि इन्होंने यहां कांग्रेस—बीजेपी की राजनीति की है। अगर प्रिंसिपल चाहती तो उन छात्राओं को पहले ही बाहर निकलवा सकती थी, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया।
Published on:
07 Feb 2019 03:49 pm
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