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महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूल विद्याधर नगर : राजधानी का Five Star School

राजधानी जयपुर सहित प्रदेश के सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों का नामांकन इस सत्र में तेजी से बढ़ा रहा है, वजह है कि अब सरकारी स्कूल भी सुविधाएं देने में निजी स्कूलों से पीछे नहीं रहे हैं। खासतौर पर महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूल में एडमिशन के लिए कतार लगी हुई हैं। ऐसा ही एक स्कूल है विद्याधर नगर स्थित महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूल।

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जयपुर

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Rakhi Hajela

Nov 26, 2021

महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूल विद्याधर नगर : राजधानी का Five Star School

Mahatma Gandhi English Medium School Vidyadhar Nagar

एक साल में किया कायाकल्प
राखी हजेला
राजधानी जयपुर सहित प्रदेश के सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों का नामांकन इस सत्र में तेजी से बढ़ा रहा है, वजह है कि अब सरकारी स्कूल भी सुविधाएं देने में निजी स्कूलों से पीछे नहीं रहे हैं। खासतौर पर महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूल में एडमिशन के लिए कतार लगी हुई हैं। ऐसा ही एक स्कूल है विद्याधर नगर स्थित महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूल, जिसे शहर का फाइव स्टार सरकारी स्कूल कहा जा रहा है वजह है यहां स्टूडेंट्स को दी जाने वाली सुविधाएं, जिसे स्कूल के संस्था प्रधान बीएस धाकड़ ने भामशाहों के सहयोग से विकसित की हैं एक रिपोर्ट:
62 से 800 पंहुची स्टूडेंट्स की संख्या
गौरतलब है कि कुछ समय पूर्व राज्य सरकार ने कई स्कूलों को महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूलों ने तब्दील किया था, उसी दौरान विद्याधर नगर में संचालित हो रहे गल्र्स स्कूल को भी महात्मा गांधी में बदला गया। उस दौरान यहां छात्राओं की संख्या मात्र 62 थी लेकिन अब यहां 800 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। खास बात यह है कि स्कूल का पूरा कायाकल्प कोविड काल में किया गया है।
सुविधा के साथ सुरक्षा पर फोकस
स्कूल में एंट्री करते ही निजी स्कूलों की तर्ज पर यहां भी सुविधा के साथ सुरक्षा का खास ध्यान रखा गया है। पूरे स्कूल में सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं साथ ही सिक्योरिटी गार्ड की भी व्यवस्था की गई है। स्कूल की छुट्टी के समय हर क्लास के विद्यार्थियों के साथ उनके शिक्षक गेट पर तब तक खड़े रहते हैं जब तक कि हर बच्चा चला नहीं जाता। जो विद्यार्थी अपने अभिभावकों के साथ जाते हैं अगर कभी वह देरी से आएं तो स्टूडेंट्स के साथ टीचर गेट पर उनका इंतजार करते हैं।
स्मार्ट क्लास रूम में होती है पढ़ाई
स्कूल में बच्चों को स्मार्ट क्लास रूम में पढ़ाई करवाई जाती है। राउंड टेबल इंडिया के कई अन्य भामाशाहों का सहयोग लिया गया। स्कूल में पढ़ाई के साथ बच्चों को एक्सट्रा कलिकुलर एक्टिविटीज से जोड़े जाने के लिए शानदार कोर्ट तैयार किया गया है, जहां बच्चे। स्मार्ट क्लासरूम में स्टूडेंट्स के लिए कम्प्यूटर, स्मार्ट बोर्ड आदि की व्यवस्था की गई है। साथ ही स्पोट्र्स को बढ़ावा देने के लिए एक कोर्ट भी बनाया गया है जहां बच्चों की स्पोट्र्स एक्टिविटी करवाई जाती हैं।
कक्षा के स्तर के मुताबिक ड्रॉइंग
स्कूल का हर कक्षा कक्ष अपने आप में खास है। कक्षा कक्ष के बाहर से ही पता चल जाता है कि आप कौनसी क्लास में प्रवेश करने जा रहे हैं। हर क्लास में एक महापुरुष का चित्र और उनका संदेश लिखा गया है साथ ही दीवारों पर सिलेबस के मुताबिक ड्रॉइंग की गई है। स्टूडेंट्स को इनके जरिए खेल खेल में पढ़ाई करवाई जाती है। साथ ही हर क्लास में दो पिन बोर्ड लगाए गए हैं। जिन पर अच्छा काम करने वाले स्टूडेंट्स का वर्क डिस्प्ले किया जाता है इससे अन्य विद्यार्थियों को भी आगे बढऩे की प्रेरणा मिलती है।
मिड डे मील के लिए डाइनिंग रूम और केयर टेकर
स्कूल में स्टूडेंट्स के मिड डे मील या लंच करने के लिए भी खास व्यवस्था की गई है। जिससे बच्चों को दूसरे स्कूलों की तरह जमीन पर बैठने की जरूरत नहीं होगी। कोविड समाप्ति के बाद जब भी स्कूलों में फिर से मिड डे मील सर्व किया जाएगा तब की स्थिति को ध्यान में रखते हुए यहां अलग से डाइनिंग सेंटर बनाया गया है, जहां कोटा स्टोन्स के बैंचेज बनाए गए हैं साथ ही बैठने की भी व्यवस्था की गई है। जहां स्टूडेंट्स आराम से अपना लंच या मिड डे मील खा सकेंगे। पास ही पीने के पानी के साथ ही बर्तनों की सफाई के लिए अलग अलग व्यवस्था की गई है। स्टूडेंट्स के लिए यहां एक वॉटर कूलर भी लगाया गया है। साथ ही पानी के नल बच्चों की लंबाई को ध्यान में रखते हुए लगाए गए हैं जिससे छोटे बच्चों को पानी पीने में परेशानी नहीं हो। छोटे बच्चों को ध्यान में रखते हुए यहां केयर टेकर की व्यवस्था भी की गई है। ऐसे बच्चे जो खुद अच्छे से खाना नहीं खा पाते उनका ध्यान केयर टेकर रखते हैं।
टॉयलेट्स के साथ लाए हरियाली
स्कूल में हरियाली का भी विशेष ध्यान रखा गया है। खास बात यह है कि स्कूल में जिस विद्यार्थी का जन्मदिन होता है वहां स्कूल में टॉफी बांटने की जगह यहां अपने नाम का एक पौधा लगाता है जिसके चलते स्कूल में अब हरियाली भी देखने को मिल रही है। बच्चों के लिए स्कूल में एक नहीं बल्कि कई टॉयलेट्स बनाए गए हैं और उन सभी पानी और साबुन की व्यवस्था की गई है। इतना ही नहीं यहां पर भी प्रेरणात्मक संदेश भी लिखे गए हैं।
इनका कहना है,
भामाशाहों के साथ सहयोग से हमने इस स्कूल में पूरा बदलाव किया है। स्कूल में बच्चों की हर सुविधा का खास ध्यान रखा गया है फिर वह पढ़ाई से संबंधित हो या फिर उनकी एक्सट्रा कलिकुलर एक्टिविटी से संबंधित।यही वजह है कि यहां बच्चों की संख्या लगातार बढ़ी है।

बीएस धाकड़, संस्था प्रधान,
महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूल,विद्याधर नगर