
महेन्द्र गोयल बुधवार सुबह लेगें हाईकोर्ट जज की शपथ
जयपुर
गोयल की नियुक्ति होने पर राजस्थान हाईकोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या 22 हो जाएगी। इसके बावजूद हाईकोर्ट 28 न्यायाधीशों की कमी रहेगी। राजस्थान हाईकोर्ट मंे न्यायाधीशों के 50 पद स्वीकृत हैं। महेन्द्र गोयल के पिता जस्टिस अनूपचन्द्र गोयल भी हाईकोर्ट न्यायाधीश रह चुके हैं और उनकी पत्नी शुभा मेहता जिला व सत्र न्यायाधीश हैं और फिलहाल भरतपुर में पदस्थापित हैं।
उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाले कॉलेजियम ने राजस्थान हाईकोर्ट में एडवोकेट कोटे से महेन्द्र गोयल व फरजंद अली को न्यायाधीश के पद पर नियुक्त करने की सिफारिश की थी। गोयल जयपुर से और फरजंद अली जोधपुर से हैं। केन्द्र सरकार ने अब तक फरजंद अली की फाइल को मंजूरी नहीं दी है।
हाईकोर्ट कॉलेजियम ने एडवोकेट कोटे से जयपुर व जोधपुर के नौ एडवोकेट्स की न्यायाधीश पद पर नियुक्ति की सिफारिश की थी। इनमें महेन्द्र गोयल, अनुराग शर्मा, फरजंद अली, मनीष सिसोदिया, अश्विन गर्ग, राजीव पुरोहित, सचिन आचार्य, संजय झंवर व अनिता अग्रवाल का नाम था। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने इनमें से केवल गोयल और फरजंद अली के नाम को ही मंजूरी दी थी। जबकि मनीष सिसोदिया के नाम पर विचार को स्थगित रख लिया था और बाकी नाम हाईकोर्ट को वापिस भेज दिए थे।
2017 में नियुक्त हुए थे तीन जज, 2019 में नियुक्त हुए दो-
इससे पहले 16 मई 2017 में राजस्थान हाईकोर्ट में वकील कोटे से जस्टिस अशोक कुमार गौड़ और मनोज कुमार गर्ग व जस्टिस इन्द्रजीत सिंह की नियुक्ति हुई थी। जबकि अप्रैल 2019 में न्यायिक अधिकारी कोटे से जस्टिस अभय चतुर्वेदी व एनएस ढड्ढा को हाईकोर्ट जज नियुक्त हुए थे।
Published on:
05 Nov 2019 07:28 pm
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