
'Mahila e Haat' away from the reach of common people
जयपुर। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की ओर से महिलाओं के बनाए उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने के लिए उन्हें ऑनलाइन प्लेटफॉर्म तो दिया गया, लेकिन प्रचार के अभाव में इसका लाभ महिला हस्तशिल्पियों तक नहीं पहुंचा पा रहा है। महिला अधिकारिता विभाग की वेबसाइट पर इसका लिंक महिला ई हाट के नाम से है। यह केंद्रीयकृत लिंक है। इस पर देशभर के हर राज्य की महिला कारीगरों के बनाए कई उत्पादों को प्रदर्शित किया गया है। राजस्थान की ब्लू पॉटरी, मध्यप्रदेश की हैंडलूम साड़िया, छत्तीसगढ़ के बैम्बू उत्पाद, दिल्ली की ज्वैलरी, दक्षिण भारत का सिल्क उत्पाद सहित कई वैरायटी इस साइट पर प्रदर्शित की गई है। इसके बाद भी इसे रेस्पॉन्स ना मिलने से महिला उद्यमी को लाभ नहीं मिल पा रहा।
उत्पादों पर गारंटी नहीं...
इस साइट पर मौजूद हर उत्पाद का मूल्य दिया गया है। उत्पाद को वेबसाइट पर देखा जाए तो इसके नीचे एक डिस्क्लेमर लिखा आता है कि जो दिखाया जा रहा है, जरूरी नहीं कि उत्पाद वैसा ही होगा। उसका रंग या डिजाइन दूसरा भी हो सकता है। अब ऐसा डिस्क्लेमर पढ़ कोई भी कस्टमर पांच सौ से लेकर अधिकतम की शॉपिंग यहां क्यों करेगा, यह भी बड़ा सवाल है। हालांकि उत्पादों के साथ उसके बनाने वाले कारीगर का नाम, ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर दिए गए हैं।
शॉपिंग साइट की तरह अपडेट नहीं
महिला ई हाट पर प्रोडक्ट की कई श्रेणियां बनाई गई। लेकिन कई श्रेणियां तो आप देख ही नहीं सकते। यह अपडेट नहीं की गई। और उत्पादों की तस्वीरें भी आकर्षक तौर पर नहीं दी गई। इस ई हाट की पैकेजिंग बाकी शॉपिंग साइट की तरह नहीं की गई कि एक क्लिक पर आप आसानी से कुछ भी खरीद सकें। यह ई हाट अन्य साइट पर मिलने वाले उत्पादों से महंगा भी है।
Published on:
25 Jul 2020 07:20 pm
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