बहरोड के ग्राम खोहरी में संजय उर्फ मुन्ना हत्याकांड के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। मुखबिर से सूचना मिलने के बाद पुलिस जब उसे पकड़ने गई तो उसने पुलिस पर फायर कर दिए। बचाव में पुलिस ने उसके पैर में गोली मारकर घायल कर दिया। पुलिस ने आरोपी को अस्पताल में भर्ती करवाया जहां उपचार के बाद उसे छुट्टी दे दी गई। पुलिस गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ कर रही है।
पुलिस अधीक्षक भिवाड़ी अनिल कुमार बेनीवाल ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी अजय यादव खोहरी बहरोड का रहने वाला है। 8 मार्च को बहरोड भिवाड़ी निवासी संतोष देवी ने थाने में मामला दर्ज करवाया। जिसमें बताया कि वह खोहरी गांव की रहने वाली है। इकलौता बेटा संजय उर्फ मुन्ना खोरी उनकी देखभाल करता था। गांव के अजय यादव बेटे से रंजिश रखता था। वह आए दिन बेटे को जान से मारने की धमकी देता था। 7 मार्च को गांव के मंदिर में होली का कार्यक्रम था। रात 8.30 बजे बेगमपुर निवासी अजय खोहरी, सुनील उर्फ सेठिया और हमीदपुर निवासी संदीप उर्फ बच्चियां आए और उनके बेटे के सिर पर इन सभी लोगों ने गोलियां मारी जिससे उनका बेटा लहुलुहान होकर वहीं गिर गया। यह लोग जाते समय धमकी देकर गए कि किसी ने भी उनके खिलाफ बोला तो उनका भी यही हाल होगा। घायल संजय उर्फ मुन्ना को घर वाले कैलाश हॉस्पीटल ले गए जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना को अंजाम देने के बाद अजय खोरी, रवि बेगमपुर ने फेसबुक लाइव आकर इस घटना की जिम्मेदारी ली।
इस तरह पकड़ा शातिर बदमाश
पुलिस ने बताया कि सूचना मिली थी कि अजय खोहरी काले रंग की बाइक पर रेवाड़ी से बहरोड आ रहा है। इस पर पुलिस ने नीमराना सेक्टर के थाना शाहजहांपुर, मांढण, नीमराना, बहरोड को हथियार बंद नाकाबंदी करने के लिए बताया। निम्भौर की तरफ से बसई की तरफ आते समय पुलिस ने अजय को रूकने का इशारा किया। नहीं रुकता देख पुलिस ने गाड़ी को बाइक के आग लगा दी। बाइक के ब्रेक लगकर सड़क से नीचे साइड में उतर कर फिसल गई। थानाधिकारी बावर्दी बुलेट प्रूफ जैकट पहने हुए उतर कर अजय को रुकने के लिए कहा तो अजय ने पिस्टल निकालकर फायर कर दिया जो वाहन के बोनट पर लगा। थानाधिकारी ने अजय को चेतावनी दी। इस पर अजय ने थानाधिकारी पर गोली चला दी जो बुलेट प्रूफ जैकिट पर लगी। थानाधिकारी ने अजय खोहरी को चेतानी देकर हवाई फायर किया. नहीं मानने पर पुलिस ने उसके पैर में गोली मार दी। गोली दाहिने पैर में लगी। पुलिस ने उसे इलाज के लिए कैलाश अस्पताल भिजवाया जहां उपचार करवाने के पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।