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मक्का से मालामाल होंगे किसान

Maize Crop in India : हरियाणा सरकार (govt of haryana) का जल संरक्षण के उद्देश्य से सोनीपत जिले के गन्नौर में मक्का बीजाई का प्रयोग सफल रहा। इस क्षेत्र में करीब 350 एकड़ क्षेत्र में मक्का की बिजाई की गई थी, जिसमें बेहतरीन पैदावार हुई है। गन्नौर के कृषि अधिकारियों का खड़ी फसल का निरीक्षण करने उपरांत कहना है कि किसानों (Farmers) को धान की तुलना में मक्का अधिक मुनाफा दे सकती है।

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मक्का से मालामाल होंगे किसान

मक्का से मालामाल होंगे किसान


मक्का से मालामाल होंगे किसान

- गन्नौर में कम पानी से मक्का की उपज
- सफल रहा जल संरक्षण का अनूठा प्रयोग
- मक्का की बेहतरीन पैदावार
- धान से तुलना में कम लागत
- कम लागत में ज्यादा मुनाफा
- प्रति एकड़ 25 हजार रुपए कमाई
- हरे चारे के रूप में भी लाभकारी
- पर्यावरण को कोई नुकसान नहीं
- 14 जिलों में लाख हेक्टेयर से ज्यादा मक्का खेत
- 2050 तक मक्का की मांग होगी 121 मीट्रिक टन
- 1.9 टन प्रति हेक्टेयर उत्पादन वर्षा आधारित खेती में
- 3.5 टन प्रति हेक्टेयर उत्पादन सिंचित क्षेत्र में
- 35 प्रतिशत उत्पादन अमेरिका होता
- 2 प्रतिशत भारत की वैश्विक हिस्सेदारी
- 87,62,000 एकड़ में देश में मक्का खेती
- 7 किस्म की मक्का पैदावार देश में होती है

हरियाणा सरकार का जल संरक्षण के उद्देश्य से सोनीपत जिले के गन्नौर में मक्का बीजाई का प्रयोग सफल रहा। इस क्षेत्र में करीब 350 एकड़ क्षेत्र में मक्का की बिजाई की गई थी, जिसमें बेहतरीन पैदावार हुई है। गन्नौर के कृषि अधिकारियों का खड़ी फसल का निरीक्षण करने उपरांत कहना है कि किसानों को धान की तुलना में मक्का अधिक मुनाफा दे सकती है।
खंड कृषि अधिकारी डॉ. संदीप बजाज के अनुसार गत वर्ष गन्नौर खंड में मात्र 50 एकड़ भूमि में मक्का की बिजाई की गई थी। इस वर्ष साढ़ेे तीन सौ एकड़ में मक्का उगाई गई है। उन्होंने कहा कि कृषि विस्तारक अधिकारी डॉ. रणबीर ङ्क्षसह मोर ने दावा किया कि मक्का की बेहतरीन पैदावार हुई है। इनमें कुछ किसानों उमेदगढ़ के किसान साहब ङ्क्षसह, चिरस्मी के रामबीर, पुरखास के रामेहर तथा जफरपुर के हरपाल की मक्का फसल तो काफी उत्साहजनक है। उनका कहना है कि मक्का की फसल निश्चित रूप से उन्हें धान की तुलना में अधिक मुनाफा देगी। इन किसानों ने जल संरक्षण की दिशा में विशेष कदम बढ़ाते हुए धान की बजाय मक्का की खेती की है।
कम लागत, ज्यादा मुनाफा
डॉ. मोर ने कहा कि मक्का की फसल को हरा चारा के रूप में भी उपयोग किया जाता है। हरे चारे के रूप में प्रयोग नहीं किया जाए तो मक्का अधिक लाभकारी सिद्ध होती है। उन्होंने कहा कि एक एकड़ में मक्का की लगभग 16 ङ्क्षक्वटल पैदावार मिलती है, जो करीब तीस हजार रुपए में बिकती है। एक एकड़ में मक्का उत्पादन पर लागत लगभग पांच हजार रुपए आती है। इस प्रकार किसान को एक एकड़ मक्का बिजाई से करीब 25 हजार रुपए का शुद्ध लाभ प्राप्त होता है। धान से तुलना की जाए तो एक एकड़ में धान उत्पादन पर लागत करीब 25 हजार रुपए आती है और बिक्री 40 से 45 हजार रुपए होती है। इस प्रकार धान से प्रति एकड़ शुद्ध लाभ लगभग 20 हजार रुपए मिलता है।
इको फ्रेंडली क्रॉप
डॉ. बजाज और डॉ. मोर ने कहा कि धान उत्पादन में कीटनाशकों का अधिक प्रयोग किया जाता है और पानी की खपत भी अधिक होती है। यह पर्यावरण के लिए नुकसानदायक है। लिहाजा किसानों को जल संरक्षण तथा फसल से अधिक मुनाफे के लिए मक्का उत्पादन की ओर आगे बढऩा चाहिए। जल संकट की समस्या से निपटने में किसानों को अधिकाधिक सहयोग करना चाहिए। इसके लिए विशेष रूप से धान की फसल का मोह त्यागना होगा। उन्होंने कहा कि रूचि लेकर मक्का की खेती की जाए तो निश्चित रूप से लाभकारी सिद्ध होगी।


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