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Makar Sankranti 2023 :बाघ और घोड़े पर सुख-समृद्धि लेकर आएगी मकर संक्रांति, बन रहा है त्रिग्रही योग,जानिए जातक कब करें दान, स्नान और उपाय

Makar Sankranti 2023 : इस बार मकर संक्रांति का उल्लास दो दिन रहेगा। माघ कृष्ण सप्तमी पर 14 जनवरी को रात 8 बजकर 45 मिनट पर सूर्यदेव मकर राशि में प्रवेश करेंगे, इसके साथ ही उत्तरायण प्रारंभ हो जाएगा। वहीं मकर राशि में त्रिग्रही योग भी बनेगा। इस बार मकर संक्रांति बाघ पर सवार होकर माली के घर में प्रवेश कर रही है। ऐसे में ये संयोग सुख-समृद्धि लेकर आएंगे।

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Makar Sankranti 2023 : इस बार मकर संक्रांति का उल्लास दो दिन रहेगा। माघ कृष्ण सप्तमी पर 14 जनवरी को रात 8 बजकर 45 मिनट पर सूर्यदेव मकर राशि में प्रवेश करेंगे, इसके साथ ही उत्तरायण प्रारंभ हो जाएगा। वहीं मकर राशि में त्रिग्रही योग भी बनेगा। इस बार मकर संक्रांति बाघ पर सवार होकर माली के घर में प्रवेश कर रही है। ऐसे में ये संयोग सुख-समृद्धि लेकर आएंगे। हालांकि 14 जनवरी को पतंगबाजी होगी, वहीं अगले दिन 15 जनवरी को दान-पुण्य होगा। 15 जनवरी को चित्रा नक्षत्र और सुकर्मा योग भी रहेगा।

ज्योतिषाचार्य चन्द्रशेखर शर्मा ने बताया कि मकर संक्रांति पर सालभर का शुभाशुभ फलादेश जानने की परंपरा रही है। इस बार संक्रांति बाघ पर सवार होकर माली के घर में प्रवेश कर रही है। वारनाम राक्षसी होने से यह सुख-समृद्धि लेकर आएगा। विकास के लिए नवीन योजनाएं बनेगी। नक्षत्रनाम मंदाकिनी होने से राजनेता व अधिकारियों के लिए शुभ फलदायक रहेेगा।
संक्रांति प्रवेश के समय बालव करण रहेगा। ऐसे में संक्रांति वाहन बाघ और उपवाहन घोड़ा बनेगा। भूतजाति की यह संक्रांति शरीर पर कुमकुम का लेप लगाकर पीले रंग के वस्त्र एवं चमेली के पुष्प की माला धारण कर कुमारी अवस्था में रात्रि के प्रथम प्रहर में प्रवेश कर रही है। ऐसे में अर्थव्यवस्था में उतार-चढ़ाव की स्थिति बनी रहेगी।

त्रिग्रही योग

ज्योतिषाचार्य डॉ. अनीष व्यास ने बताया कि 14 जनवरी को सूर्य देव के मकर राशि में आने के साथ ही त्रिग्रही योग बनेगा। मकर राशि में सूर्य, शुक्र और शनि देव एक साथ आ जाएंगे, जो 17 जनवरी को शाम 6 बजकर 04 मिनट तक रहेंगे। ऐसे में त्रिग्रही योग में दानपुण्य अधिक फलदायक होगा। वहीं रविवार के दिन सूर्य के मकर संक्रांति का पुण्य काल विशेष लाभ देने वाला बताया गया है। रविवार के दिन सूर्य अपने विशेष परिमंडल में अनुगमन करते हैं। 15 जनवरी को चित्रा नक्षत्र, सुकर्मा योग व बालव करण तथा तुला राशि के चंद्रमा की साक्षी में मकर संक्रांति का पुण्य काल होगा।

सूर्यदेव को खड़े होकर करें जल अर्पण

ज्योतिषाचार्य पं. सुरेश शास्त्री ने बताया कि मकर संक्रांति पर दान-पुण्य करना समृद्धिदायक होता है। संक्रांति का प्रवेश 14 जनवरी को रात 8.45 बजे होने से सर्वश्रेष्ठ पुण्यकाल 15 जनवरी को ही रहेगा, क्योंकि यह सूर्योदयकालिक मकर संक्रांति ही मनानी चाहिए। पुण्यकाल पर सूर्यदेव को खड़े होकर जल अर्पण करें और 7 बार नमन करें। तिल, तिल के बने व्यंजन और तेल आदि का दान करना चाहिए। गायों को हरा चारा खिलाना चाहिए। वहीं जरूरतमंदों को ऊनी वस्त्रों का दान किया जाना चाहिए।

दान-पुण्य दोपहर 12.45 बजे तक

ज्योतिषाचार्य चन्द्रशेखर शर्मा ने बताया कि माघ कृष्ण सप्तमी पर 14 जनवरी को रात 8 बजकर 45 मिनट पर सूर्य देव मकर राशि में प्रवेश करेंगे। इसके साथ ही मकर संक्रांतिकाल शुरू होगा। सूर्य संक्रांति सूर्यास्त के बाद आती है तो पुण्यकाल दूसरे दिन होता है। अगर सूर्य देव मकर राशि में सूर्यास्त से पहले से आ जाए तो उसी दिन पुण्यकाल माना जाता है। सूर्यास्त के बाद सूर्य मकर राशि में प्रवेश करते हैं तो पुण्यकाल उसके अगले दिन होता है। ऐसे में 15 जनवरी को सूर्योदय से दोपहर 12 बजकर 45 मिनट तक दान-पुण्य करना श्रेष्ठ रहेगा।