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सट्टे के दांव पर खेली जिंदगी

किडनी डोनर उपलब्ध करवाने के लिए गुजराती सटोरिये ने ठगे 4.50 लाख अंतिम समय तक न डोनर मिला और न पैसे, पीडि़त की मौत, आरोपी फरार

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जयपुर

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Ajay Sharma

Nov 26, 2018

jaipur

bhagwati lal

मोहम्मद इलियास. उदयपुर
बड़ा दांव खेलने के फेर में गुजरात का सटोरिया उदयपुर के एक युवक की जिंदगी से खेल गया। वह किडनी दानदाता उपलब्ध करवाने के लिए बीमार के परिजनों से करीब ४.५० लाख रुपए ले गया। जिंदगी और मौत के बीच जूझते बीमार को अंतिम समय तक न तो डोनर मिला और ना ही उसने पैसे लौटाए। आखिर बीमार ने दम तोड़ दिया। ठगे परिजन अब आरोपी मेघाणी नगर अहमदाबाद निवासी राजू लखारा की गिरफ्तारी के लिए पुलिस थानों के चक्कर काटने को मजबूर हैं।

यह वाकया धायबाईजी की बाड़ी, अशोकनगर निवासी भगवतीलाल (51) पालीवाल के साथ हुआ। किडनी ट्रांसप्लांट नहीं होने से 23 नवम्बर को उसकी मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि मृतक के भाई गोपाल पालीवाल की भी किडनी रोग से मृत्यु हो गई थी। महज एक वर्ष में घर में दूसरी मौत होने से परिजन सदमे में हैं।
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उदयपुर आकर ले गया आरोपी पैसे
किडनी रोगी भगवतीलाल फरवरी 2017 से डायलिसिस पर था। मई में अहमदाबाद के चिकित्सकों ने उसे किडनी ट्रांसप्लांट की सलाह दी। हाथोंहाथ पत्नी ने हामी भरी, लेकिन पथरी होने से उसकी किडनी अनुपयोगी साबित हुई। एेसे में निजी फैक्ट्री में उसके साथ काम करने वाले देवीलाल ने अहमदाबाद में राजू लखारा के बारे में बताया। देवीलाल का कहना था कि उसके कैंसर पीडि़त पिता के इलाज के दौरान भी राजू ने काफी मदद की थी। वह किडनी डोनर उपलब्ध करवाता है। परिजनों ने राजू से सम्पर्क किया तो उसे तीन से चार माह में डोनर उपलब्ध करवाने एवं बड़े चिकित्सक से जान-पहचान होने से फाइल आगे बढ़ाने का झांसा देते हुए ४.५० लाख रुपए में बात तय की। बाद में आरोपी अलग-अलग समय में उदयपुर आकर राशि ले गया।

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भर्ती हुआ पर डोनर नहीं आया

अहमदाबाद के सिविल चिकित्सालय में भर्ती होने के दौरान राजू मिलने आता रहा। हर बार उन्हें मुंबई, पूना, नासिक व सूरत से डोनर के आने का झांसा देता रहा। पन्द्रह दिन पूर्व हालत खराब होने पर जब परेशान परिजन आरोपी राजू के घर पहुंचे तो उसने हाथ खड़े कर दिए। मांगने पर भी पैसे नहीं लौटाने से मुकर गया। बीमार इसका पता चलने पर सदमे से चल बसा। आरोपी राजू के परिजनों का कहना था कि वह पूर्व में एेसे कई रोगियों से पैसा लेकर ठगी कर चुका है और पैसा सट्टा खेलने में गंवा चुका है।
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छूट गई बेटे की पढ़ाई
भगवतीलाल की हालत खराब होने के बाद पत्नी के साथ ही बेटा प्रशांत पालीवाल व बेटी गरिमा भी पिता की सेवा में रहे। डोनर ढूंढने व पिता के इलाज के लिए उदयपुर से अहमदाबाद के बीच दौड़ में प्रशांत को अपनी इंजीनियरिंग की पढ़ाई छोडऩे पढ़ी।