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मेंगलूरु महानगर निगम : महापौर, उपमहापौर चुनाव अचानक स्थगित, आज होना था चुनाव

ओबीसी आरक्षण मामले में शीर्ष अदालत के आदेश पर संशय के कारण हुआ स्थगन

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मेंगलूरु महानगर निगम : महापौर, उपमहापौर चुनाव अचानक स्थगित, आज होना था चुनाव

मेंगलूरु महानगर निगम : महापौर, उपमहापौर चुनाव अचानक स्थगित, आज होना था चुनाव

जयपुर। मेंगलूरु महानगर निगम महापौर-उपमहापौर चुनाव दो मार्च को निर्धारित किया गया था, जिसे अचानक स्थगित किया गया। महानगर निगम के 23वें कार्यकाल के लिए महापौर तथा उपमहापौर के चयन के लिए महापौर पद सामान्य (जी) तथा उपमहापौर पद पिछड़ा वर्ग ए महिला (बीसीएडब्ल्यू) वर्ग के लिए आरक्षित किया गया है, इसके तहत महापौर तथा उपमहापौर का चुनाव दो मार्च को निर्धारित कर मैसूर संभागीय आयुक्त ने मेंगलूरु महानगर निगम आयुक्त को निर्देश दिया था। इसके तहत महानगर निगम के सभी पार्षदों को समझौता जारी किया गया था।
न्यायालय के इस आदेश से हुआ स्थगित
महाराष्ट्र के राहुल रमेश ने उच्चतम न्यायालय में एक अन्य मामले से संबंधित याचिका दायर की है। इस दौरान अदालत ने स्थानीय निकाय आरक्षण के मुद्दे पर उंगली उठाते हुए आदेश दिया है। इसके चलते अदालत के इस आदेश के बारे में मेंगलूरु महानगर निगम के 23वें कार्यकाल के महापौर, उपमहापौर तथा चार स्थाई समिति का चुनाव दो मार्च को निर्धारित करने पर क्या यह आदेश यहां भी लागू होगा? इस बारे में जानने के लिए दक्षिण कन्नड़ जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र केवी ने 24 फरवरी को शहरी विकास विभाग के सचिव को पत्र लिखा था। इसके अलावा 25 फरवरी को मैसूरु संभागीय आयक्त कार्यालय की ओर से भी पत्र लिखा गया था परन्तु अब तक सरकार की ओर से किसी प्रकार का कोई स्पष्टीकरण स्वीकार नहीं किया गया। इसके चलते 2 मार्च को निर्धारित मेंगलूरु महानगर निगम महापौर, उपमहापौर, स्थाई समिति चुनाव को स्थगित करने का फैसला लिया गया।
महानगर निगम के कुल 60 स्थानों में से भाजपा ने 44 स्थानों को जीता था। प्रथम कार्यकाल में भाजपा के दिवाकर पांडेश्वर महापौर बने थे तो दूसरे कार्यकाल के लिए सामान्य आरक्षण निर्धारित होने के कारण बिना किसी चुनौती के वरिष्ठ पार्षद प्रेमानंद शेट्टी को महापौर पद मिला था। अब तीसरे कार्यकाल का आरक्षण भी सामान्य अभ्यर्थी के लिए निर्धारित होने के कारण भाजपा के कुछ पार्षद महापौर का पद हासिल करने के लिए रसूख का इस्तेमाल कर रहे हैं।
इन सबके बीच वर्ष 2023 को राज्य विधानसभा चुनाव होगा। इस चरण में महानगर निगम महापौर पद बेहद महत्वपूर्ण बन गया है। इसके लिए इस बार प्रबल व्यक्ति को महापौर पद देने की पैरवी पार्टी में की जा रही है। तीसरे कार्यकाल के लिए पार्षद के तौर पर चयनित भाजपा के वरिष्ठ पार्षद, पार्टी के जिला महासचिव सुधीर शेट्टी को महापौर बनाने से आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी की छवि को मदद मिलने के बारे में चर्चाएं चल रही हैं।

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