
मांगणियार कलाकारों ने आबोहवा में घोली सुरों की मिठास
जयपुर। भारतीय विद्या भवन व इंफोसिस फाउंडेशन कल्चरल आउटरीच प्रोग्राम के तहत 77वीं कड़ी में बुधवार को पश्चिमी राजस्थान से बहती सुरों की बयार से महाराणा प्रताप सभागार महक उठा। फनकार हारून खां मांगणियार व उनके साथी दल ने लोकवाद्यों, कमायचा, वीणा, ढोल, ढोलक और खड़ताल की ताल पर सुरीली गायकी का खूबसूरत नजारा पेश किया। कार्यक्रम का प्रारम्भ कबीर की रचना मेरा साहिब कैसा.... सूफी रचना मेरा पिया घर आया.. और इसके बाद रचना कैसे लिखू कुंकु पत्री... में गायकी के दिलकशी अंदाज से दानिशमंद श्रोताओं के दिलों को छू लिया। इशाक खां व मांगू खां की आंसदार गायकी, जस्सू खां की खड़ताल, सफी खां का ढोल, भुट्टा खां का कमायचा ने संगीत रसीली इन्द्रधनुषी रंग बिखेरे। भारतीय विद्या भवन व इंफोसिस फाउंडेशन कल्चरल संस्था के सचिव राजेन्द्र सिंह पायल ने बताया कि इसे ऑनलाइन रिकार्डिंग कर श्रोताओं से रूबरू कराया जाएगा। गौरतलब है कि कलाकारों को आर्थिक मदद के मद्देनजर हर महीने में दो लोक कलाकार दल को बुलाकर उनका कार्यक्रम किया जा रहा है।
Published on:
15 Sept 2021 06:15 pm
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