मानगढ़ के कार्यक्रम को सरकारी कार्यक्रम से इतर देखा जा रहा है। इसे राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने की स्थिति में पोलटिकल माइलेज मिलना तय माना जा रहा है। राजस्थान, मध्यप्रदेश और गुजरात राज्यों के आदिवासियों के लिए यह महत्वपूर्ण घोषणा हो सकती है। तीनों राज्यों में अनुसूचित जाति की बड़ी आबादी है। सीटों के लिहाज से ही देखें तो मध्यप्रदेश में 47, गुजरात में 25 और राजस्थान में 25 सीटें अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं। ऐसे में तीन राज्यों की 99 सीटों पर इस फैसले का बड़ा असर पड़ सकता है। इनके अलावा भी 30 सीटें ऐसी होती हैं जहां जनजातियां निर्णायक होती हैं।