
जयपुर।
जयपुर रेलवे स्टेशन पर कार्यरत राजस्थान की प्रथम महिला कुली मंजू उन 112 महिलाओं में शामिल हैं, जिन्होंने किसी क्षेत्र में महिला के तौर पर पहली बार अहम मुकाम हासिल किया। इन्हें महिला व बाल विकास मंत्रालय ने राष्ट्रीय सम्मान के लिए चुना है। राष्ट्रपति उन्हें सम्मानित करेंगे।
पति की मृत्यु के बाद मंजू...
पति की मृत्यु के बाद मंजू पांच साल से जयपुर जंक्शन के रेलवे स्टेशन पर काम ? करती हैं। वह कहती है- 'मैं पुरुषों से कम नहीं। 40 से 50 किलो वजन उठा लेती हूँ' मंजू के अलावा पहली एमबीए की पढ़ाई करने वाली पहली महिला सरपंच राजस्थान की छवि राजावत को भी इस सम्मान के लिए चुना गया है।
वहीं पहली महिला बारटेंडर शात्भी बासु को भी चुना...
वहीं पहली महिला बारटेंडर शात्भी बासु को भी चुना गया है। बासु मुंबई के होटल में बारटेंडर थी। अब वह बारटेंडर का ट्रेनिंग स्कूल चलाती हैं। पहली महिला ऑटो रिक्शा ड्राइवर शीला दावरे भी महाराष्ट्र की हैं। उन्हें भी इस सम्मान के लिए चुना गया है।
कई बड़े नाम...
इनके अलावा कई बड़े नाम भी इस सूची में है। ओलंपिक रजत पदक जीतने वाली पहली महिला पीवी सिंधू, राष्ट्रमंडल खेलों में कुश्ती में पदक जीतने वाली पहली महिला गीता फोगट, एश्वर्या रॉय, पीटी उषा, सानिया मिर्जा समेत कई महिलाएं शामिल हैं।
पहले मना किया फिर राजी...
राजस्थान की पहली महिला कुली मंजू घर में थीं। महिला बाल विकास मंत्रालय से जब किसी महिला अधिकारी ने उन्हें फोन किया कि उन्हें राष्ट्रीय सम्मान के लिए चुना गया है और राष्ट्रपति उन्हें पुरस्कार देंगे तो मंजू ने सीधा कहा, 'मैं अपने बच्चों को छोड़ कर नहीं जाऊंगी। मेरी दो लड़की और एक लड़का हैं। मैं उनको कहां छोड़ूंगी।'
इसके बाद ही मंजू मानी...
इसके बाद मंत्रालय के अधिकारी ने रेलवे स्टेशन से संपर्क साधा। स्टेशन के अधिकारी ने मंजू को बुलाया और समझाया। अधिकारी ने भरोसा दिया कि उनके साथ रिश्तेदार और स्टेशन के अधिकारी भी जाएंगे। बच्चों का ख्याल भी रखा जाएगा। इसके बाद ही मंजू मानी।
Published on:
19 Jan 2018 04:10 pm
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