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राजस्थान से राज्यसभा सांसद Manmohan Singh की SPG सिक्योरिटी हटाई, अब मिलेगी Z+ सुरक्षा

Manmohan Singh's Special Protection Group SPG security removed: पूर्व प्रधानमंत्री एवं राजस्थान से राज्य सभा सांसद डॉ मनमोहन सिंह की स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (एसपीजी) सुरक्षा हटा दी गई है। डॉ सिंह को हालांकि जेड प्लस सुरक्षा जारी रहेगी।

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Manmohan Singh's Special Protection Group SPG security removed

जयपुर/ नई दिल्ली।

पूर्व प्रधानमंत्री एवं राजस्थान से राज्य सभा सांसद डॉ मनमोहन सिंह ( Dr. Manmohan Singh ) की स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (SPG) सुरक्षा हटा दी गई है। डॉ सिंह को हालांकि जेड प्लस सुरक्षा जारी रहेगी। गृह मंत्रालय के अनुसार सभी सुरक्षा एजेंसियों के नियमित मूल्यांकन के बाद यह निर्णय लिया गया है। गौरतलब है कि मनमोहन सिंह हाल ही में राजस्थान से राज्य सभा सांसद निर्वाचित हुए हैं।

गौरतलब है कि भारत के प्रधानमंत्री और पूर्व प्रधानमंत्रियों को एसपीजी सुरक्षा प्रदान की जाती है। गृह मंत्रालय के अधिकारी ने सोमवार को बताया, ''वर्तमान की सुरक्षा समीक्षा नियमित तौर पर होने वाला एक पेशेवर कार्य है। यह सुरक्षा एजेंसियों के मूल्यांकन पर आधारित है। डॉ मनमोहन सिंह को जेड प्लस की सुरक्षा मिलती रहेगी।''

वहीं सूत्रों के अनुसार पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा की एसपीजी सुरक्षा भी हटा दी गई है। इसके बाद अब सिर्फ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गांधी परिवार को ही एसपीजी सुरक्षा जारी रहेगी। अक्तूबर 1984 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद 1985 में एसपीजी की स्थापना की गई थी।

जाने क्या है 'एसपीजी सुरक्षा'?
स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप, एसपीजी यानी विशेष सुरक्षा दल एक विशेष सुरक्षा बल है। भारत के प्रधानमंत्री, उनका परिवार तथा पूर्व प्रधानमंत्री, पूर्व राष्ट्रपति की सुरक्षा, इस विशेष सुरक्षा टुकड़ी की ज़िम्मेदारी होती है। यह विशिष्ट बल सीधे केंद्र सरकार के मंत्रिमण्डलीय सचिवालय के अधीन है और आसूचना ब्यूरो (आईबी) के अंतर्गत उसके एक विभाग के रूप में कार्य करती है। एसपीजी, देश की सबसे पेशेवर एवं आधुनिकतम सुरक्षा बलों में से एक है।

एसपीजी के जवानों को विशेष तरह का पेशेवर परिक्षण दिया जाता है और ये ख़ास तरह के उपकरणों से लैस होते हैं। प्रधानमंत्री की अंगरक्षा के अलावा एसपीजी, प्रधानमंत्री आवास, प्रधानमंत्री कार्यालय तथा हर वह स्थान जहाँ प्रधानमंत्री वास करते है, उसकी सुरक्षा करती है। साथ ही प्रधानमंत्री के तत्काल परिवार एवं पूर्व प्रधानमंत्रियों और उनके परिवारों की सुरक्षा (पदत्याग के बाद एक वर्ष तक) भी एसपीजी करती है।

दरअसल, प्रधानमंत्री की अंगरक्षा के लिए एक विशेष सुरक्षा दल की आवश्यकता पहली बार प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद महसूस हुई थी। इसके बाद 1988 में एसपीजी को आईबी की एक विशेष अंग के रूप में, सीधे केंद्र सरकार के अंतर्गत एक सुरक्षा टुकड़ी के रूप में गठित किया गया था।