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Guru Purnima 2020 – मंत्र—सिद्धि करा देगा गुरुपूर्णिमा पर पड़ रहा यह संयोग

विभिन्न देवी—देवताओं को प्रसन्न करने के लिए उनके मंत्र जाप किए जाने का विधान है. हालांकि कई मंत्र कीलित कर दिए गए हैं. ज्योतिषाचार्य पंडित सोमश परसाई बताते हैं कि कलियुग में इनके दुरुपयोग की आशंका के कारण इन मंत्रों को कीलित किया गया था अर्थात कलियुग में इन मंत्रों के जाप का कोई फल नहीं मिल पाएगा. इसके बाद भी अनेक ऐसे सरल मंत्र हैं जिनके नियमित जाप से संबंधित देवी—देवता प्रसन्न् होते हैं और उनके आशीर्वाद से कार्य सिद्धि हो जाती है.

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mantra sidh kaise hote hain Purnima Chandragrahan

mantra sidh kaise hote hain Purnima Chandragrahan

जयपुर. सनातन धर्म में कष्टों से मुक्ति और सुख—संपत्ति पाने के लिए ईश्वर आराधना पर बल दिया गया है. इसके लिए विभिन्न देवी—देवताओं को प्रसन्न करने के लिए उनके मंत्र जाप किए जाने का विधान है. हालांकि कई मंत्र कीलित कर दिए गए हैं. ज्योतिषाचार्य पंडित सोमश परसाई बताते हैं कि कलियुग में इनके दुरुपयोग की आशंका के कारण इन मंत्रों को कीलित किया गया था अर्थात कलियुग में इन मंत्रों के जाप का कोई फल नहीं मिल पाएगा. इसके बाद भी अनेक ऐसे सरल मंत्र हैं जिनके नियमित जाप से संबंधित देवी—देवता प्रसन्न् होते हैं और उनके आशीर्वाद से कार्य सिद्धि हो जाती है.

कोई मंत्र तब ही सफल होता है, जब पूर्ण श्रद्धा व विश्वास के साथ उनका जाप किया जाए। किसी विशेष मुहुर्त में जाप करने पर भी मंत्र सिद्धि होती है. 5 जुलाई को ऐसा ही मुहुर्त है. इस दिन गुरुपूर्णिमा है और साथ ही चंद्रग्रहण भी है। ज्योतिषाचार्य पंडित नरेंद्र नागर के मुताबिक गुरुपूर्णिमा और चंद्र ग्रहण का यह संयोग मंत्रों की सिद्धि के लिए सर्वश्रेष्ठ समय माना गया है। इस दिन किसी भी एक मंत्र का मन को एकाग्र कर जाप करें. संबंधित देवी—देवता की तस्वीर या मूर्ति के सामने दीपक और अगरबत्ती जलाकर मंत्र जाप करें।

जाप के दौरान जितना ज्यादा ध्यान ईष्ट देव में लगेगा और जितना कम मन व ध्यान भटकेगा, उतना ही ज्यादा और त्वरित फल प्राप्त होगा। जाप के पूर्व अपने गुरू का स्मरण जरूर करें, कोई गुरू न हो तो भगवान शिव को साक्षी मानकर मंत्र जाप पूर्ण करने का संकल्प लें. शिवजी के आशीर्वाद से आपके मंत्र की सिद्धि जरूर होगी. गुरुपूर्णिमा और चंद्र ग्रहण के संयोग के इस मुहुर्त पर ओमकार मंत्र— ओम नम: शिवाय या नवार्ण मंत्र— ओम ऐं हृरी क्लीं चामुण्डाय विच्चै का जाप विशेष फलदायी होता है.