
जयपुर। 17 दिसंबर को अपने चार साल पूरे कर चुकी गहलोत सरकार अब अपने पांचवें और अंतिम बजट की तैयारियों में जुटी हुई है, इसके लिए बाकायदा बजट पूर्व संवाद बैठकों का भी दौर चल रहा है लेकिन सरकार में एक दर्जन विभाग ऐसे हैं जो वार्षिक बजट आधी राशि भी खर्च करने में फिसड्डी साबित हुए हैं, जबकि वित्तीय वर्ष 2022- 23 भी समाप्त होने को है। 3 महीने के बाद वित्तीय वर्ष20 23-24 शुरू हो जाएगा।
ऐसे में वित्तीय वर्ष 2022- 23 का बजट राशि खर्च नहीं होने का नुकसान सरकार की योजनाओं पर पड़ रहा है। दिलचस्प बात यह भी है कि अगर 3 महीने में बजट की राशि खर्च नहीं की तो बजट लैप्स हो जाएगा और इसका नुकसान सरकार की योजनाओं के साथ-साथ आमजन को भी उठाना होगा।
75 फ़ीसदी राशि होनी चाहिए खर्च
दरअसल वित्तीय वर्ष के दौरान बजट की करीब 75 फ़ीसदी राशि खर्च होनी चाहिए लेकिन सरकार में एक दर्जन से ज्यादा विभाग ऐसे हैं जो अपने बजट का आधा भी नहीं खर्च कर पाए। हैरत की बात यह भी है कि अगर वित्तीय वर्ष 2022- 23 के शेष बचे 3 महीने में अगर वक्त पर बजट की राशि खर्च नहीं हुई तो राज्य सरकार को केंद्र सरकार से विभिन्न योजनाओं के लिए मिलने वाली राशि भी नहीं मिल पाएगी। राजस्थान में कई विभाग ऐसे हैं जिन्हें केंद्र सरकार से भी बजट की राशि प्राप्त होती है।
जलदाय विभाग, सार्वजनिक निर्माण, ग्रामीण विकास विभाग पंचायती, राज नागरिक उड्डयन, सहकारिता जैसे विभाग ऐसे हैं जिनमें राज्य के साथ-साथ केंद्र संचालित योजनाएं भी चलती है विभागों में चल रही योजनाओं में अगर बजट का पैसा समय पर खर्च नहीं होगा तो केंद्र से आवंटित होने वाली राशि में भी अड़चन पैदा होगी।
बजट को लेकर केंद्र सरकार भी लगा चुकी है राज सरकार पर आरोप
केंद्र की ओर से योजनाओं के लिए मिलने वाली राशि को को लेकर केंद्र सरकार के कई नुमाइंदे राज्य सरकार पर आरोप लगा चुके हैं कि केंद्र सरकार की ओर से विभिन्न योजनाओं में राज्य सरकार को खूब राशि आवंटित की जा रही है लेकिन उस राशि खर्च योजनाओं पर नहीं हो रहा है। जलदाय विभाग के जल जीवन मिशन मं भी केंद्र सरकार की ओर से राशि आवंटित होती है।
वीडियो देखेंः- Rajasthan Budget 2022 : बजट में शिक्षा के क्षेत्र में क्या मिला
Published on:
27 Dec 2022 12:23 pm

बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
