
medical mobile van ...... file photo
जयपुर. लॉकडाउन के दौरान अस्पताल नहीं पहुंच पा रहे मरीजों के लिए शुरू की गई मोबाइल ओपीडी वैन ही अब अस्पताल का काम कर रही है। कोरोना काल में लोग बीमार भी हुए। अस्पताल जाने के डर से मरीज घर पर ही रहे। ऐसे में मोबाइल ओपीडी वैन अस्पताल के रूप में घर पर ही पहुंचकर मरीजों को दवाइयां दीं। ढाई महीने में 60 हजार से अधिक मरीजों को मोबाइल ओपीडी वैन के जरिए ओपीडी सेवाएं दी गईं।
चिकित्सा विभाग की ओर से 23 अप्रेल से परकोटा क्षेत्र और दूर-दराज क्षेत्रों के लिए मोबाइल ओपीडी वैन शुरू की गई थी। इस चलते फिरते अस्पताल का अच्छा रेस्पॉन्स मिल रहा है। आंकड़ों के अनुसार शहर में कफ-कोल्ड और बुखार के करीब 11 हजार लोग पाए गए, जिन्हें ऑन द स्पॉट दवा दी गई। इसके अलावा डायबिटीज और हाइपरटेंशन के मरीजों की संख्या भी ज्यादा मिली, जो कोरोना की वजह से अस्पताल नहीं जा रहे थे। चौंकाने वाली बात यह थी कि करीब 43 हजार लोग ऐसे भी थे जिन्हें पेट दर्द, हाथ पैरों में दर्द, जकडऩ, उल्टी-दस्त से परेशान थे।
60 हजार की ओपीडी में पुरुषों की संख्या ज्यादा
कोरोना काल में बीमार पडऩे वालों में पुरुषों की संख्या ज्यादा मिली। आंकड़ों के अनुसार 27 हजार से अधिक पुरुषों ने मोबाइल ओपीडी का लाभ लिया। महिलाओं में भी खांसी-जुकाम और बुखार व अन्य बीमारियां सामने आईं। करीब 24 हजार महिलाएं इसकी चपेट में आईं। आठ हजार से अधिक बीमार बच्चों को दवा दी गई।
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मरीजों के लिए शुरू की गई मोबाइल ओपीडी वैन का अच्छा रेस्पोंस मिल रहा है। क्षेत्र में चलता-फिरता अस्पताल पहुंचने से लोग वहीं पर ओपीडी की सेवाएं ले रहे हैं।
- डॉ. नरोत्तम शर्मा, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जयपुर प्रथम
Published on:
15 Jun 2020 05:31 pm
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