
मरीजे इश्क का क्या ही जिया...
जयपुर। आजादी का अमृत महोत्सव के तहत इवेंट इंडिया एवं जवाहर कला केंद्र के संयुक्त तत्वावधान, कला एवं संस्कृति और पर्यटन विभाग के सहयोग से आयोजित 4 दिवसीय जयपुर गजल फेस्टिवल (Jaipur Ghazal Festival) का शुक्रवार को दूसरे दिन भी कलाकारों ने प्रस्तुति से श्रोताओं का दिल जीत लिया। महफिल की शुरूआत कलाकार राजूदास की गजलों से हुई, जिसमें उन्होंने 'हंगामा है क्यूं बरपा', 'दिल में एक लहर सी उठी है अभी', 'हम तेरे शहर में आए हैं मुसाफिर की तरह, कुछ यादगार शहर रे सितमगर आदि गजलें प्रस्तुत कर श्रोताओं का मन जीत लिया। इसके बाद कलाकार डॉ. सुनील राही ने 'मरीजे इश्क का क्या ही जिया जिया ना जिया, काश ऐसा कोई मंजर होता, 'बीती बातें दोहराने की आदत सी हो गई है' और 'प्यार देकर ना मिले प्यार जरूरी तो नहीं' की प्रस्तुति दी।
वहीं प्रदीप पंडित ने 'गमें जाना जिसे हासिल नहीं है', 'जरा-जरा सी बात का शुमार है', 'धड़कनों में किसी दस्तक की तरह', 'कैसे कहूं मुलाकात नहीं होती', 'आपका अहतराब कौन करे' प्रस्तुत किया। साथ ही कलाकार कुलदीप ङ्क्षसह राव, सैफ नईम अली, सांवरमल कथक ने भरपूर गायकी से श्रोताओं का मन जीता। कार्यक्रम में इवेंट इंडिया के डायरेक्टर भूपेंद्र राणा, कला एवं संस्कृति विभाग के संयुक्त शासन सचिव पंकज ओझा एवं जवाहर कला केंद्र के अतिरिक्त महानिदेशक डॉ. अनुराधा गोगिया भी मौजूद थे।
श्रीमाल वैश्य समाज की स्मारिका का विमोचन
जयपुर। श्रीमाल वैश्य समाज स्मारिका-2022 का विमोचन एक गार्डन में हुआ। मुख्य अतिथि डॉ. देवेंद्र श्रीमाल रहे। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि श्रीमाल वैश्य समाज के हुकुमचंद सेवावालों ने कहा कि स्मारिका से समाज को एक सूत्र में और एकता का परिचय दिया। सुमित श्रीमाल ने कहा कि इस दौरान श्रीमाल वैश्य समाज गौरव सम्मान भी आयोजित हुआ। साथ ही विशिष्ट अतिथि गुलाबचंद श्रीमाल, रामरतन श्रीमाल, भंवरलाल श्रीमाल, नंदलाल श्रीमाल, रामस्वरूप श्रीमाल, शंकरलाल श्रीमाल, महेश श्रीमाल, कजोड़मल श्रीमाल भी मौजूद थे।
Published on:
11 Jun 2022 12:19 am
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