
Mandi Fee: मंडी शुल्क एवं कृषि कल्याण शुल्क माफ
जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आगामी खरीफ सीजन में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर दलहन एवं तिलहन की खरीद के लिए मंडी शुल्क एवं कृषक कल्याण शुल्क माफ करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। गहलोत ने इस संबंध में अधिसूचना जारी करने के लिए भी अपनी स्वीकृति दी है। उल्लेखनीय है कि केन्द्र सरकार की ओर से जारी पीएसएस गाइडलाइन्स के अनुरूप प्रदेश में इस खरीफ सीजन में समर्थन मूल्य पर मूंग, उड़द, मूंगफली एवं सोयाबीन की खरीद, परिवहन, भंडारण एवं बिक्री के लिए इन शुल्कों को माफ करने की स्वीकृति दी गई है।
कृषि उपज मण्डियों को भी राहत
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में कृषि विपणन से जुड़े व्यापारियों को बड़ी राहत देते हुए समितियों की ओर बकाया राशि की वसूली के लिए ब्याज माफी योजना की अवधि 31 दिसम्बर तक बढ़ाए जाने का निर्णय लिया है। गहलोत ने कोविड-19 महामारी को देखते हुए कृषि विपणन विभाग की ओर से इस संबंध में प्राप्त प्रस्ताव पर सहमति दे दी है। प्रस्ताव के अनुसार, राज्य की विभिन्न कृषि मण्डी समितियों की ओर से मण्डी शुल्क, आवंटन शुल्क तथा अन्य बकाया सहित कुल 68 करोड़ रुपए की राशि बकाया थी।
मंडी कारोबारियों ने किया था विरोध
राजस्थान खाद्य पदार्थ व्यापार संघ के अध्यक्ष बाबू लाल गुप्ता ने कहा था कि मंडियों में देय कृषि मण्डी सेस मण्डी के बाहर काम करने वालों के लिए भी जरूरी किया जाए, नहीं तो मंडियों में भी कृषि मंडी सेस, लेवी, कृषि मंडी फी, विकास शुल्क, कृषक कल्याण फीस समाप्त करे और मेन्टीनेन्स के लिए आवश्यक धनराशि राज्य सरकारों को उपलब्ध करावें।
Published on:
13 Oct 2020 09:31 am
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