
ज्यादातर विवाह स्थलों में तो फायर फाइटिंग सिस्टम है ही नहीं। जहां है, वहां भी केवल औपचारिकता ही निभाई जाती रही। खुद नगर निगम अफसर मान रहे हैं कि जरूरत के आधार पर फायर फाइटिंग सिस्टम नहीं होने से आगजनी के हालात पनपे हैं। गौर करने वाली बात यह भी है कि इनकी मॉनिटरिंग की जिम्मेदार अफसर अब तक सोते रहे। यहां तक की लाइसेंस के लिए जरूरी नियम—कायदों की पालना नहीं होने की जानकारी होने के बावजूद कार्रवाई नहीं की गई। कई मामलों में सांठगांठ तो कई जगह नेताओं के रसूख आड़े आते गए। निगम प्रशासन अब एक्शन लेने के दावे कर रहा है।
आगजनी के बाद चेतता रहा निगम...
मुंबई के रेस्टारेंट में आगजनी की घटना के बाद शहर के होटल, रेस्टोरेंट व बहुमंजिला इमारतों की जांच शुरू की गई। उपायुक्त (फायर) शिप्रा शर्मा को जिम्मेदारी दी गई, जिसके बाद 4 दर्जन से ज्यादा होटल, रेस्टोरेंट, मॉल व बहुमंजिला इमारत संचालकों को नोटिस थमाए गए। अब विवाह स्थल में आग लगी तो निगम की भी इस ओर भी कार्रवाई की सूझी।
यह भी होगा..
—शहर में सभी होटल, रेस्टोरेंट, विवाह स्थल, बहुमंजिला इमारत, मॉल्स में फायर फाइटिंग सिस्टम की जोच होगी।
—जहां फायर फाइटिंग उपकरण लगे हैं, लेकिन जरूरत के आधार पर नहीं है वहां पुख्ता इंतजाम कराए जाएंगे।
—सभी इमारत संचालकों को फायर उपकरण संचालन की ट्रेनिंग देने की व्यवस्था होगी।
आगजनी के बाद रोज गार्डन होगा सील, जांच के लिए 5 सदस्यों की कमेटी गठित...
रोज गार्डन में भीषण आग लगने के बाद नगर निगम चेता और शहर के सभी विवाह स्थलों की जांच के लिए 5 सदस्यों की कमेटी गठित कर दी। इसमें अतिरिक्त आयुक्त मुख्यालय बतौर अध्यक्ष होंगे। इनके साथ उपायुक्त (फायर), मुख्य अग्निशमन अधिकारी, उपायुक्त (आयोजना) व अतिरिक्त मुख्य टाउन प्लानर शामिल हैं। कमेटी जांच करेगी कि विवाह स्थल नियमों के आधार पर संचालित हो रहे है या नहीं। खासकर, फायर फाइटिंग सिस्टम की पूरी व्यवस्था हो। जांच रिपोर्ट सात दिन में दी जाएगी। इस बीच रोज गार्डन परिसर को सील करने के भी आदेश दे दिए गए। जब तक पूरी जांच नहीं हो जाती, तब सील नहीं खोली जाएगी। महापौर और नगर निगम आयुक्त रवि जैन ने इस घटना को दुखद बताया है।
आग लगने के पास एक्शन..
—आग लगने वाले परिसर को तुरंत सील किया जाए।
—आग लगने वाले परिसर में पर्याप्त संख्या में अग्निशमन से संबंधित सुरक्षा उपकरण थे या नहीं। क्या वे चालू स्थिति में थे।
—परिसर में किया गया निर्माण भवन निर्माण उपविधियों एवं नेशनल बिल्डिंग कोड के अनुरूप था या नहीं।
—विवाह स्थल पर आने-जाने वालों के लिए उचित पार्किंग व्यवस्था, प्रवेश व निकास के अलग-अलग मार्ग है या नहीं।
—परिसर के स्वामित्व दस्तावेज एवं निगम से आवश्यक अनापत्ति जैसे- फायर अनापत्ति, मैरिज गार्डन रजिस्ट्रेशन, लाइसेंस आदि प्राप्त किए गए या नहीं।
दिए हैं।
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—विवाह स्थल में किस स्तर पर लापरवाही रही, इसकी जांच होनी बेहद जरूरी है। इसके अलावा शहर के सभी विवाह स्थलों की अब गहन जांच की जाएगी। इसके लिए पांच सदस्यों की कमेटी गठित की है। नियमों के विपरीत संचालन बंद करने होंगे। —रवि जैन, आयुक्त, नगर निगम
Published on:
12 Jan 2018 01:17 am
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