1 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

शहीद माधो सिंह इंदा की राजकीय सम्मान के साथ अंत्येष्टि, लोगों ने पुष्प वर्षा कर दी श्रद्धांजलि

Martyr Madho Singh Inda cremated : बालेसर। बालेसर दुर्गावता देवनगर के शहीद माधो सिंह इंदा की पार्थिव देह 48 घंटे बाद बालेसर उनके गांव पहुंची, तो हजारों की संख्या में उपस्थित ग्रामीणों के माधो सिंह अमर रहे की जय घोष से आसमान गूंज उठा। पुलिस, प्रशासन एवं सैन्य अधिकारियों के साथ हजारों की संख्या में ग्रामीण की उपस्थिति में राजकीय सम्मान के साथ शहीद का अंतिम संस्कार किया।

2 min read
Google source verification
Madho Singh Inda

Madho Singh Inda

Martyr Madho Singh Inda cremated : बालेसर। बालेसर दुर्गावता देवनगर के शहीद माधो सिंह इंदा की पार्थिव देह 48 घंटे बाद बालेसर उनके गांव पहुंची, तो हजारों की संख्या में उपस्थित ग्रामीणों के माधो सिंह अमर रहे की जय घोष से आसमान गूंज उठा। पुलिस, प्रशासन एवं सैन्य अधिकारियों के साथ हजारों की संख्या में ग्रामीण की उपस्थिति में राजकीय सम्मान के साथ शहीद का अंतिम संस्कार किया। गौरतलब है की बालेसर दुर्गावता देवनगर निवासी राइफलमैन माधो सिंह इंदा पुत्र कुंभ सिंह इंदा जम्मू एंड कश्मीर में राजौरी सेक्टर में तैनात था। गुरुवार को 11 बजे शहीद के पिता के पास बटालियन के उच्च अधिकारियों ने टेलीफोन करके शहीद होने की सूचना दी। परिजन, ग्रामीण एवं आस-पड़ोस के लोगों ने शहीद के परिजनों को ढांढस बंधाया।

48 घंटे बाद पार्थिव देह पहुंची
शहीद की सूचना मिलने के 48 घंटे बाद शहीद माधव सिंह इंदा की पार्थिव देह बालेसर पहुंची। तब तक परिजनों के रो-रोकर हाल बेहाल हो गए। शनिवार को जब शहीद की पार्थिव देह एंबुलेंस से फलोदी रोड फाटा पहुंची, जहां से आर्मी की गाड़ी में शहीद की पार्थिव देह बालेसर बाजार एवं मुख्य सड़क मार्ग से होते हुए शहीद के घर पहुंची तो माहौल एक बार फिर गमगीन हो गया। शहीद की पत्नी व मासूम बच्चों के साथ माता-पिता एवं अन्य परिजनों ने अंतिम दर्शन किए। घर के आंगन में आवश्यक रस्म के बाद अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट रवाना हुए।

गार्ड ऑफ ऑनर
जब शहीद की पार्थिव देह शमशान घाट पहुंची तो बड़ी की संख्या में ग्रामीण भी शमशान घाट पहुंच गए। 15 राजपूताना राइफल्स के जवानों की टुकड़ी ने हवाई फायर के बाद शास्त्र उल्टे कर, मातमी धुन बजाकर गार्ड ऑफ ऑनर दिया। सैन्य अधिकारी मेजर गुरविंदर सिंह, लेफ्टिनेंट कर्नल अंशूम रेडू, मेजर राहुल विश्वास, पूर्व विधायक बाबू सिंह राठौड़, पीसीसी सदस्य उमेद सिंह राठौड़, पूर्व प्रधान भंवर सिंह इंदा, उपखंड अधिकारी पुष्पा कंवर सिसोदिया, अधिशासी अधिकारी सोम प्रकाश मिश्रा, अधिशासी अभियंता जेत सिंह, पुलिस उपाधीक्षक पदम दान चारण, थाना अधिकारी सवाई सिंह महाबार सहित अन्य अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों ने पुष्प चक्र अर्पित कर शहीद को श्रद्धांजलि दी। शहीद के बड़े भाई चतुर सिंह ने मुखाग्नि दी।

तिरंगा एवं वर्दी की भेंट
गार्ड ऑफ ऑनर एवं पुष्प चक्र अर्पित करने के बाद अंतिम संस्कार से पहले सेवा के अधिकारियों ने शहीद के पार्थिव देह पर लिपटा तिरंगा को सलामी देकर शाहिद की वर्दी के साथ चेचरे भाई एवं उप सरपंच कालू सिंह इंदा को भेंट किया।

बाजार बंद रहा, जगह-जगह पुष्प वर्षा
जब शहीद की पार्थिव देह फूलों से सजी सेना की खुली गाड़ी में फलोदी रोड फाटा से शहीद के घर की तरफ रवाना हुई तो शहीद को श्रद्धांजलि देने के लिए बड़ी की संख्या में युवाओं एवं ग्रामीणों का हुजूम उमड़ पड़ा। सेना की गाड़ी के आगे वाहनों पर अमर शहीद के जय घोष के साथ युवाओं का काफिला चलता रहा। फलोदी रोड फाटा से शहीद के घर तक 15 किलोमीटर तक जगह-जगह पर दुकानदारों, ग्रामीण एवं महिलाओं ने अपने बाजार बंद करके सेना की गाड़ी पर फूल बरसाकर शहीद को श्रद्धांजलि दी। शहीद के घर तक पहुंचने में भी काफी समय लगा। पुलिस प्रशासन को यातायात डायवर्ट करना पड़ा। जब शहीद की पार्थिव देह सेना की गाड़ी में घर पहुंची तो बड़ी संख्या में लोगों पहुंच। माधो सिंह इंदा अमर रहे, भारत माता की जय के नारों से आसमान गूंज उठा।