
Village Development: जयपुर. मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा की पहल पर संचालित मुख्यमंत्री विकसित ग्राम-शहरी वार्ड अभियान को प्रभावी बनाने के लिए राज्य सरकार ने कमर कस ली है। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में अभियान की प्रगति का आकलन करते हुए कई अहम फैसले लिए गए। इस बैठक में जिला कलेक्टर्स से सीधा संवाद कर जमीनी स्तर की समस्याओं को समझा गया और उनके त्वरित समाधान के निर्देश दिए गए।
बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि अभियान के तहत ग्राम पंचायतों और शहरी वार्डों के लिए डायनामिक मास्टर प्लान तैयार कर 15 मई तक पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होगा। साथ ही, आमजन की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए आधुनिक तकनीकों जैसे क्यूआर कोड फीडबैक और जीआईएस मैपिंग को प्राथमिकता दी जाएगी। सरकार का लक्ष्य है कि विकास योजनाएं स्थानीय जरूरतों के अनुरूप तैयार हों और उनकी नियमित मॉनिटरिंग के जरिए जवाबदेही तय हो।
मुख्य सचिव ने जिला कलेक्टर्स को निर्देश दिए कि वे ग्राम सभा और वार्ड सभा में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें तथा डेटा संकलन, फोकस ग्रुप डिस्कशन और मास्टर प्लान की प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करें। इस अभियान के तहत राज्य के हजारों ग्राम पंचायतों और शहरी वार्डों को शामिल करते हुए एक दीर्घकालिक विकास रणनीति तैयार की जा रही है, जो 2030, 2035 और 2047 तक की जरूरतों को ध्यान में रखेगी।
| निर्णय |
|---|
| ग्राम पंचायत एवं शहरी वार्डों के लिए डायनामिक मास्टर प्लान तैयार करना |
| 15 मई तक अंतिम मास्टर प्लान पोर्टल पर अपलोड करना |
| 20 अप्रैल तक फोकस ग्रुप डिस्कशन पूर्ण करना |
| 25 अप्रैल तक ड्राफ्ट मास्टर प्लान तैयार करना |
| QR कोड आधारित फीडबैक प्रणाली विकसित करना |
| GIS मैपिंग के माध्यम से सटीक डेटा संकलन सुनिश्चित करना |
| ग्राम सभा एवं वार्ड सभा के जरिए सुझाव एकत्र करना |
| जिला एवं ब्लॉक स्तर पर हेल्पडेस्क स्थापित करना |
| मोबाइल एप के जरिए जियो-टैग्ड फोटो अपलोड की व्यवस्था |
| आईटी और पंचायती राज विभाग की संयुक्त टीमों का गठन |
Updated on:
15 Apr 2026 04:02 pm
Published on:
15 Apr 2026 04:00 pm
