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Sachin Pilot के भविष्य पर सस्पेंस, Hanuman Beniwal के बाद Mayawati की BSP का ‘ऑफर’

Sachin Pilot against Gehlot government, BSP Mayawati Offer : सचिन पायलट के भविष्य पर सस्पेंस और करीब आठ माह बाद होने जा रहे विधानसभा चुनाव से पहले संभावित सियासी समीकरण दिलचस्प बनने की संभावनाएं परवान पर हैं।

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Mayawati BSP party offer to Sachin Pilot against Gehlot government

जयपुर।

राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के बाद अब सुप्रीमो मायावती की बसपा पार्टी ने भी पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट के आगे समर्थन का हाथ बढ़ाया है। प्रदेश बसपा नेतृत्व ने पायलट के लिए पार्टी के दरवाज़े हमेशा खुले रहने की बात कहते हुए साथ में आने का न्यौता दे डाला है। ऐसे में सचिन पायलट के भविष्य पर सस्पेंस और करीब आठ माह बाद होने जा रहे विधानसभा चुनाव से पहले संभावित सियासी समीकरण दिलचस्प बनने की संभावनाएं परवान पर हैं।

गौरतलब है कि सचिन पायलट ने पूर्ववर्ती वसुंधरा राजे सरकार के दौरान हुए कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ जांच की मांग उठाई है। पायलट ने अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए इस मांग पर अनशन पर बैठने का ऐलान किया है। पायलट के एक बार फिर उठे बगावती तेवरों से एक बार फिर प्रदेश की सियासत में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है।

मायावती की बसपा ने दिया 'ऑफर'

राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी की तर्ज़ पर अब बहुजन समाज पार्टी ने भी सचिन पायलट को 'ऑफर' दे डाला है। बसपा प्रदेशाध्यक्ष भगवान् सिंह बाबा ने 'पत्रिका' से बातचीत में कहा कि सचिन पायलट का कांग्रेस में अपमान हो रहा है, लेकिन बसपा में उन्हें सम्मान मिलेगा। उनके लिए पार्टी के दरवाज़े पहले भी खुले हुए थे और आगे भी खुले रहेंगे।'

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'पायलट का मूल घर ही बसपा'
प्रदेशाध्यक्ष भगवन सिंह बाबा ने कहा कि सचिन पायलट खुद ओबीसी वर्ग से आते हैं, ऐसे में उनका मूल घर तो बसपा ही है। ऐसे में अपेक्षा है कि वे बसपा के साथ आकर पिछड़े वर्ग के लिए संघर्ष करें।

'साथ करें दलितों-पिछड़ों के लिए संघर्ष'
प्रदेशाध्यक्ष भगवान सिंह बाबा ने कहा कि बसपा पार्टी अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के अधिकारों को लेकर हमेशा से ही संघर्ष करती रही है। उन्होंने पायलट को बसपा के साथ आकर दलितों और पिछड़ों के लिए संघर्ष करने का न्यौता दिया।

... इधर आरएलपी ने भी दोहराया ऑफर

राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी से एकमात्र सांसद हनुमान बेनीवाल ने एक बार फिर पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट को लेकर बयान दिया है। एक मीडिया चैनल से बातचीत में उन्होंने सचिन पायलट को नई पार्टी बनाने और साथ गठबंधन करने का ऑफर दे डाला है। बेनीवाल के पायलट को एक बार फिर से दिए गए इस 'ऑफर' की चर्चाएं अब सोशल मीडिया पर भी होने लगी हैं।

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'नई पार्टी बनाएं, हम करेंगे गठबंधन'

सांसद हनुमान बेनीवाल ने कहा है कि सचिन पायलट का जिस तरह से कांग्रेस पार्टी में बार-बार अपमान हो रहा है, इससे उन्हें कांग्रेस पार्टी छोड़ देनी चाहिए। वे अगर ऐसा करके अलग पार्टी बनाते हैं तो हम उनसे गठबंधन करेंगे।

बेनीवाल ने पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट को सलाह देने के साथ ही कहा कि हम कभी भी सत्ता में नहीं रहे, लेकिन विपक्ष में रहते हुए सिद्धांत और खुद्दारी की लड़ाई रहे हैं। आरएलपी सांसद ने कहा कि मैं पायलट साहब को हमेशा कहता हूं कि वो अगर अलग पार्टी बना लेते हैं तो राजस्थान में बहुत जबरदस्त मुकाबला होगा।

'कांग्रेस-भाजपा से कभी नहीं होगा गठबंधन'

सांसद बेनीवाल ने कहा कि ये बात पहले भी कही जा चुकी है कि आरएलपी ना भाजपा से और ना ही कांग्रेस से कोई गठबंधन राजस्थान में करेगी। इसके इतर सभी सीटों पर चुनाव लड़ते हुए उन तमाम दलों से गठबंधन पर विचार करेंगे जिनका अलग-अलग क्षेत्रों में प्रभाव होगा।

'खुले हुए हैं गठबंधन के रास्ते'

बसपा, आम आदमी पार्टी और ट्राइबल पार्टी से गठबंधन के सवाल पर सांसद बेनीवाल ने दोहराते हुए कहा कि कांग्रेस और भाजपा के खिलाफ जो भी पार्टियां लड़ रही हैं इस देश में उनसे गठबंधन के रास्ते हमेशा खुले हुए हैं। पूर्व में बीएसपी के साथ गठबंधन की पहल हुई थी लेकिन किन्हीं कारणों से सफल नहीं रही थी।

'कांग्रेस-भाजपा वोट शेयर प्रभावित'

सांसद बेनीवाल ने कहा कि पूर्व में हुए विधानसभा चुनाव में विरोधी दलों ने कांग्रेस और भाजपा जैसे राजनीतिक दलों के वोट शेयर को खासा प्रभावित किया था। 'राजस्थान की जनता चाहती बदलाव'आरएलपी सांसद ने कहा कि कांग्रेस-भाजपा दोनों पार्टियों ने मिलकर राजस्थान की बदनामी करवाई है और जमकर लूटा है। ऐसे में प्रदेश की जनता दोनों पार्टियों से मुक्ति के साथ बदलाव लाना चाहती है।

आप भी गढ़ाए बैठा नज़र

भाजपा, आरएलपी, बसपा के साथ ही आप पार्टी की भी नज़र सचिन पायलट के बगावती तेवरों और उनके आगामी कदम पर है। हालांकि आरएलपी और बसपा की तरह आप पार्टी की ओर से अभी तक किसी तरह का ऑफर नहीं आया है। वहीं आप पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक व दिल्ली सीएम अरविन्द केजरीवाल की प्रतिक्रिया आने का भी इंतज़ार हो रहा है।

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