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घी और मक्खन भी दिल के लिए फायदेमंद पर संयमित तरीक़े से ख़ाना होगा

पहली बार अंतरराष्ट्रीय मान्यता: दुनिया के 80 देशों के करीब 2.5 लाखों पर हुआ अध्ययन -यूरोपियन हॉर्ट जनरल में अध्ययन प्रकाशित-राजस्थान के भी 4.5 हजार लोगों पर हुआ अध्ययन

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जयपुर

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VIKAS JAIN

Jul 08, 2023

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Dairy Estate: jabalpur

विकास जैन

जयपुर. दूध और दूध से बने उत्पाद मक्खन, घी, छाछ, दही भी ह्रदय के लिए लाभकारी हैं। दुनिया के 80 देशों के करीब 2.5 लाख लोगों पर किए दो दशक लम्बे अध्ययन के बाद अब यह निष्कर्ष निकला है। यूरोपियन हॉर्ट जनरल में इस अध्ययन को प्रकाशित किया गया है।
अध्ययन के आधार पर अब सेहत के लिए लाभकारी 6 स्वास्थ्यवर्धक पदार्थों में दूध एवं दूध के उत्पादों को भी शामिल किया गया है। अध्ययन में शामिल विशेषज्ञों का दावा है कि पहली बार इस भारतीय पारंपरिक फूड को ह्रदय के लिए लाभकारी माना गया है। अन्य 5 पदार्थों में फल, हरी सब्जी, ड्राइ फ्रूट, दाल और फिश को शामिल किया गया है। इस दीर्घकालिक अध्ययन में भारत के भी 33 हजार लोगों को रखा गया। इनमें राजस्थान के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों के भी करीब 4.5 हजार लोग शामिल हैं।
स्वस्थ जीवन शैली के लिए अच्छा खान-पान करने वालों में ह्रदय रोग की संभावना कम रहती है। इस अध्ययन में स्वास्थ्यवर्धक व ह्रदय रोग से बचाव के लिए स्वस्थ भोजन की नई परिभाषा प्रस्तावित की गई है।

हेल्दी फूड की इतनी मात्रा उपयोगी
फल और सब्जी: 4 से 5 कटोरी प्रतिदिन
दाल: 3 से 4 कटोरी प्रतिदिन
ड्राइ फ्रूट्स: 7 कटोरी एक सप्ताह में
फिश: 2 से 3 कटोरी प्रति सप्ताह
दूध और दूध से बने उत्पाद: 14 कटोरी प्रति सप्ताह
(अध्ययन में कहा गया है कि प्रतिदिन एक कटोरी मोटा अनाज भी हेल्दी डाइट का हिस्सा माना जा सकता है)

जनमंगल ट्रस्ट के अध्ययन पर लगी मुहर
राजस्थान पत्रिका के संस्थापक कर्पूरचंद्रजी कुलिश पहल पर की 29 वर्ष पहले जनमंगल ट्रस्ट ने राज्य में ग्रामीण क्षेत्र के 3148 लोगों पर अध्ययन कराया था। जयपुर हॉर्ट वॉच विषय पर 1991 से 1994 के मध्य हुए इस अध्ययन में उजागर हुआ कि घी का संयमित उपयोग हॉर्ट के लिए लाभकारी है। वह अध्ययन 1994 में ब्रिटिश जनरल में प्रका शित किया गया था। अब दुनियाभर में माना गया कि वसा युक्त दूध और दूध से बने उत्पाद भी स्वास्थ्यवर्धक हैं। इन्हें पहले हानिकारक या न्यूट्रल माना जाता था। यह एक तरीके से भारत के पारंपरिक फूड को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिलने जैसा है। यह देखा गया है कि 6 प्रकार के भोजन के उपयोग से ह्दय को फायदा पहुंचाने वाला एचडीएल कोलेस्ट्रोल बढ़ता है, लेकिन इससे टिग्रिसाइट्स कम होते हैं। पहले फोकस एलडीटी कोलेस्ट्रोल पर रहता था, अब भारतीयों के लिए भी यह फोकस बदलकर टिग्रिसाइट्स पर आ गया है।
-डॉ.राजीव गुप्ता (अध्ययन टीम में शामिल जयपुर के विशेषज्ञ)