मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Chief Minister Ashok Gehlot) का कहना है कि किसानों को बाजरे पर एमएसपी (MSP) देने के लिए केंद्र से ही रास्ता निकलेगा। दुर्गापुरा स्थित कृषि प्रबंध संस्थान (Institute of Agricultural Management, Durgapura,) में मिलेट कॉन्क्लेव (Millet Conclave) के उद्घाटन के बाद मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि हम लघु किसानों को पेंशन भी दे रहे हैं, राजस्थान में बुजुर्ग, विधवा और अन्य श्रेणियों में 1 करोड़ लोगों को पेंशन दे रहे हैं। देश मेे भी हर परिवार को सामाजिक सुरक्षा मिलनी चाहिए। राइट टू सोशल सिक्योरिटी का कानून केंद्र सरकार ) का कहना है कि किसानों को बाजरे पर एमएसपी देने के लिए केंद्र से ही रास्ता निकलेगा। दुर्गापुरा स्थित कृषि प्रबंध संस्थान में मिलेट कॉन्क्लेव के उद्घाटन के बाद मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि हम लघु किसानों को पेंशन भी दे रहे हैं, राजस्थान में बुजुर्ग, विधवा और अन्य श्रेणियों में 1 करोड़ लोगों को पेंशन दे रहे हैं। देश मेे भी हर परिवार को सामाजिक सुरक्षा मिलनी चाहिए। राइट टू सोशल सिक्योरिटी का कानून केंद्र सरकार को लाना चाहिए, यह हमारा धर्म है और कर्तव्य भी इसलिए मैंने विधानसभा में भी इसके लिए आवाज उठाई है। इसमें सभी को एक समान पेंशन मिलेगी। भारत सरकार की इसमें आधी हिस्सेदारी होनी चाहिए। 65साल तक कांग्रेस थी तब भी विकास हो रहा था, केंद्र सरकार को वित्तीय प्रबंधन अच्छर करना चाहिए।
वहीं अडानी मामले को लेकर उन्होंने कहा कि हमारी आंदोलन जारी है। पिछले दिनों प्रदेश में हुई बरसात और ओलावृष्टि से फसल खराबे को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में उनका कहना थाकि रबी फसल के दौरान बरसात से किसानों को नुकसान हुआ है, जिस दिन ओलावृष्टि हुई, उसी रात को गिरदावरी के आदेश दे दिए गए थे।