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हॉबी को बनाया कॅरियर, कुक्कुट पालन से कमा रहे लाखों

पोषक तत्वों का खजानाबढ़ते रासायनिक तत्वों के दुष्प्रभाव से बचाव जयपुर के नरेद्र सिंह कुक्कुट पालन से लाखों कमा रहे हैं। बचपन में मुर्गीपालन की हॉबी को ही उन्होंने अपनी आजीविका का साधन बना लिया है।

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जयपुर

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VIKAS MATHUR

Aug 03, 2023

हॉबी को बनाया कॅरियर, कुक्कुट पालन से कमा रहे लाखों

हॉबी को बनाया कॅरियर, कुक्कुट पालन से कमा रहे लाखों

पॉल्ट्री फार्मिंग की ली ट्रेनिंग
नरेंद्र सिंह ने जयपुर के पास जोबनेर से कड़कनाथ मुर्गे को पालने का प्रशिक्षण लिया। इसके अलावा देसी मुर्गे- मुर्गियों को पालने की हर तरह से जानकारी हासिल की। ज्यादा से ज्यादा अंडे एवं गुणवत्तापूर्ण मीट के लिए उन्होंने उनकी ब्रीड को बेहतर बनाने के कई प्रयास किए।

कई तरह की उन्नत किस्मों का उत्पादन
वे आरआईआर, सोनाली, यूनीकॉर्न, जापानीज, टर्की, आदि किस्मों का उत्पादन कर रहे हैं। माता-पिता के सहयोग से वे इसमें पिछले डेढ़ साल से काम कर रहे हैं।

बढ़ रही है मांग
दिल्ली की गाजीपुर मण्डी, जयपुर के रामगंज के अलावा टोंक में हर सप्ताह हटवाडा लगता है। जहां इनकी बिक्री होती है। इसके अलावा आर्मी के विभिन्न स्थानों पर नियमित रूप से इसकी बिक्री होती है।

शुरुआत जापानीज बटेर से
तीस हजार रुपयों के शुरुआती निवेश से नरेंद्र सिंह ने जापानीज बटेर का उत्पादन किया। अब उनके पास बस्सी, अणतपुरा व बोबासा में तीन फार्म हैं। इसमें 15 लाख रुपए का निवेश किया हुआ है। इसमें 5 हजार मुर्गे- मुर्गियां हैं।

शुरुआत में युवा लें प्रशिक्षण
नरेंद्र सिंह का कहना है कि युवाओं को इस व्यवसाय की शुरुआत करने के लिए पूरी जानकारी हासिल करनी चाहिए। संसाधनों, प्रशिक्षण, निवेश, बाजार से संबंधित पूरी जानकारी होने के बाद इस क्षेत्र में कदम रखें। जैसे- उत्पादन कैसे करना है, पालन पोषण किस तरह करें।

सभी पोषक तत्वों की पूर्ति
मौसम परिवर्तन और खेतीबाड़ी में रासायनिक उर्वरकों के बेतहाशा इस्तेमाल की वजह से मनुष्य को पूरा पोषण नहीं मिल पा रहा है। खेती में शामिल विभिन्न रासायनिक तत्वों के इस्तेमाल से मानव स्वास्थ्य का स्तर लगातार गिर रहा है और कई तरह की नई-नई बीमारियां पैदा हो रही हैं। इसलिए हैल्दी व पोषक तत्वों की पूर्ति के लिए मीट का सेवन जरूरी बनता जा रहा है।

विकास माथुर — जयपुर