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खनन पट्टों और क्वारीलाइसेंस की अवधि अब 31 मार्च, 2025 से बढ़ाकर 31 मार्च, 2040 की

राज्य सरकार ने माइनर मिनरल सेक्टर को बूस्ट करने, वैध खनन को बढ़ावा देने, प्रक्रिया को युक्तिसंगत व पारदर्शी बनाने और राज्य के राजस्व में बढ़ोतरी के लिए राजस्थान माइनर मिनरल कन्सेशन नियमों का सरलीकरण किया है।

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जयपुर

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Rahul Singh

Aug 18, 2022

E-auction of composite license and mining lease of manganese

E-auction of composite license and mining lease of manganese

जयपुर। राज्य सरकार ने माइनर मिनरल सेक्टर को बूस्ट करने, वैध खनन को बढ़ावा देने, प्रक्रिया को युक्तिसंगत व पारदर्शी बनाने और राज्य के राजस्व में बढ़ोतरी के लिए राजस्थान माइनर मिनरल कन्सेशन नियमों का सरलीकरण किया है। अतिरिक्त मुख्य सचिव माइंस एवं पेट्रोलियम डॉ. सुबोध अग्रवाल ने बताया कि संशोधित नियमोें के अनुसार अब लीज अवधि 2040 तक बढ़ाने, खनन पट्टों का आसानी से हस्तांतरण, एक हैक्टयर से कम स्ट्रिप लीजधारी को आवंटित करने, खातेदारी में खनन पट्टा जारी करने की अधिकतम सीमा चार हैक्टयर को हटाने, लीज जारी होने के एक साल की अवधि में पर्यावरण क्लीयरेंस लाने की छूट के साथ ही खनन पट्टाधारियोें को त्रैमासिक ऑन लाईन रिटर्न भरने की सुविधा दी गई है।

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खान एवं गोपालन मंत्री प्रमोद जैन भाया ने बताया कि विभाग की ओर से प्रदेश में वैध खनन को बढ़ावा देने और इस क्षेत्र की समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक निर्णय किए गए हैं। उन्होंने बताया कि नियमों को आसान बनाने की अधिसूचना जारी कर राज्य सरकार की खनन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए किया है।

एसीएस माइंस डॉ. सुबोध अग्रवाल ने बताया कि नए संशोधित प्रावधानों के अनुसार अब 15 गुणा डेडरेंट प्रीमियम पर 31मार्च, 2025 को समाप्त हो रही माइनर मिनरल के खनन पट्टों और क्वारी लाइसेंस की अवधि 31मार्च, 2040 तक बढ़ा दी गई है। इससे खनन पट्टाधारियों व क्वारी लाइसेंसधारियों को रिन्यूवल की जटिलताओं से छुटकारा मिल सकेगा और राज्य सरकार के राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी। इसी तरह से खनन पट्टों के पास की एक हैक्टेयर से कम क्षेत्र के स्ट्रीप क्षेत्र को संबंधित खननपट्टाधारी को आवंटित किया जा सकेगा।

डॉ. अग्रवाल ने बताया कि अब तक खनन पट्टों के हस्तांतरण की प्रक्रिया अत्यधिक जटिल थी जिसे आसान बनाते हुए संशोधित नियमों के अनुसार माइनर मेजर के खननपट्टाधारी से लीज हस्तांतरण पर डेड रेंट/लाइसेंस फीस प्रीमियम 10 गुणा व अधिकतम 10 लाख के स्थान पर 5 लाख व अधिकतम 5 लाख रुपए लिया जाएगा। इसी तरह से खनन पट्टाधारियों को मासिक के स्थान पर त्रैमासिक रिटर्न सबमिट करने की सुविधा दी गई है। समय पर मासिक रिटर्न नहीं भरने पर 500 रु. प्रतिदिन का जुर्माना होता था उसे अब 500 रुपए प्रतिमाह व अधिकतम 5 हजार रुपए किया गया है।