
पत्रिका न्यूज नेटवर्क/जयपुर। केन्द्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने विश्व व्यापार संगठन में भारतीय मुद्दों को लेकर कहा कि भारत कभी गिडगिडाता नहीं है और न ही हमें किसी की चिंता है। हमने अधिकतर मुद्दों पर विवाद को सुलझा लिया है और जो बाकी हैं उनका भी समाधान निकल जाएगा। उन्होंने कहा कि स्काई हैज नो लिमिट फॉर इंडिया और भारत हमेशा बातचीत के माध्यम से समाधान में विश्वास रखता है।
गोयल ने जी-20 देशों के व्यापार एवं निवेश मंत्रियों की मौजूदगी में गुरूवार को जयपुर में यह बात कही। जी-20 देशों के व्यापार एवं निवेश मंत्रियों की दो बैठक शुक्रवार को सम्पन्न होगी। बैठक में शामिल सभी देशों के मंत्रियों ने एक स्वर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चन्द्रयान मिशन की बड़ी सफलता पर भारत को बधाई दी। गोयल ने बैठक के पहले दिन कहा कि चंद्रयान की बड़ी सफलता के बाद हम यह कह सकते हैं, स्काई हैज नो लिमिट फॉर इंडिया। अब तो हम बड़ी छलांग लगाने वाले देश के रूप में पहचाने जा रहे हैं। उन्होंने मीडिया को बताया कि बैठक में पांच महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हो रही है। कैसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापार बढ़े, कैसे सभी देशों को समृद्धि का लाभ मिले और खुशहाली आए। कैसे विकासशील देश और कम विकास वाले देशों का विश्व व्यापार में योगदान बढ़े। कैसे एमएसएमई सेक्टर को और प्रोत्साहन दिया जाए। इसी तरह वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन को कैसे मजबूत बनाएं। उसके जो तौर तरीके हैं और कानूनी प्रावधान हैं, उनको कैसे सभी देशों के लिए लाभकारी बनाया जाए। उनमें क्या परिवर्तन करने से वैश्विक व्यापार बढ़ेगा और गरीब कल्याण हो सके।
गोयल ने कहा कि भारत ने डब्ल्यूटीओ की कॉन्फ्रेंस में प्रभावी तरीके से पक्ष रखा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने डब्ल्यूटीओ की अंत्योदय की भावना को विश्व के परिप्रेक्ष्य में अपनाने का सुझाव दिया है। अंत्योदय की मूल भावना है, देश की संपदा पर सोसाइटी के अंतिम छोर पर मौजूद व्यक्ति का भी उतना ही अधिकार है जितना लाइन में पहले खड़े व्यक्ति का है। उम्मीद है पूरा विश्व प्रधानमंत्री मोदी की नेशन रिसोर्सेस शैल बी डेडिकेटेड टू द वेलफेयर फॉर द अपलिफ्टमेंट फॉर द लास्ट पर्सन भावना का अपनाते हुए विश्व व्यापार को नई ऊंचाइयां देगा। ब्रिटेन की बिजनेस एंड ट्रेड मामलों की सचिव केमी बेडनोक ने मीडिया से कहा कि ब्रिटेन और भारत में कई चीज समान हैं और दोनों देश साथ काम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
कम विकसित देशों की आवाज बना भारत: केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत ने कम विकसित देशों की आवाज डब्ल्यूटीओ में उठाई। पहली बार डब्ल्यूटीओ की कॉन्फ्रेंस में कम विकसित देश, जिनमें हमारा मित्र देश मॉरीशस, हमारा पडोसी देश बांग्लादेश, अन्य मित्र देश ओमान और मिस्र भी शामिल हैं।
सभी की समृद्धि पर रहेगा फोकस: केंद्रीय मंत्री गोयल ने कहा है कि जी20 देशों के व्यापार और निवेश मंत्रियों की बैठक में अंतरराष्ट्रीय व्यापार और निवेश में बाधाओं को कम करने तथा उत्पादकता और आउटपुट को बढ़ावा देने में मदद कर सभी के लिए आर्थिक विकास और समृद्धि को बढ़ाने पर फोकस रहेगा। वणिज्य मंत्री ने कहा कि कोविड-19 महामारी ने ग्लोबल वेल्यू चेन्स को बाधित कर दिया। ऐसी परिस्थितयों में एमएसएमई क्षेत्र नवाचार को बढ़ावा देने वाली अर्थव्यवस्थाओं की रीढ़ के रूप में सामने आया है।
भारत कर सकता है ग्लोबल साउथ का नेतृत्व: उन्होंने कहा कि भारत व्यापार और निवेश के क्षेत्र में ग्लोबल साउथ को नेतृत्व प्रदान कर सकता है और विश्व अर्थव्यवस्था को और अधिक समावेशी बना सकता है।
इन पांच प्राथमिकता पर हो रही चर्चा: टीडब्लूआईजी बैठकों में पांच प्राथमिकता वाले मुद्दों जैसे विकास और समृद्धि के लिए व्यापार, रेजिलिएंट ट्रेड और ग्लोबल वेल्यू चेन्स (जीवीसी), एमएसएमई को विश्व व्यापार से जोड़ने, व्यापार के लिए लॉजिस्टिक्स और विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) में सुधार पर चर्चा की जा रही है।
Published on:
25 Aug 2023 02:41 pm
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