
Rajendra gudha
जयपुर। सचिन पायलट कैंप के करीबी माने जाने वाले राज्य मंत्री राजेंद्र गुढ़ा पर अपहरण और मारपीट का मुकदमा दर्ज होने के बाद अब एक बार फिर इस मामले में गहलोत और पायलट गुट आमने-सामने हैं। तो वहीं मुकदमा दर्ज होने के बाद अब इस मामले में राज्य मंत्री राजेंद्र गुढ़ा का भी बड़ा बयान सामने आया है। मंत्री राजेंद्र गुढ़ा ने अपने ऊपर दर्ज हुए अपहरण और मारपीट के मामले के लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को जिम्मेदार बताया है।
राज्य मंत्री राजेंद्र गुढ़ा ने एक बयान जारी कर कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की सहमति के बिना मुझ पर मुकदमा दर्ज नहीं हो सकता था। गुढ़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत गृहमंत्री भी हैं इसलिए उनकी मर्जी से ही मुझ पर मुकदमा दर्ज किया गया है।
सीएम गहलोत को अपनी टीम के लोगों पर ही विश्वास नहीं है। राज्य मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को कम से कम मुकदमा दर्ज करने से पहले मुझसे बात करनी चाहिए थी और पूरे मामले की जानकारी लेनी चाहिए थी। गुढ़ा ने कहा कि मैंने सीएम गहलोत के साथ पिछली सरकार में भी काम किया था। इस सरकार में भी काम किया है और अभी भी काम कर रहा हूं। सीएम गहलोत को अपनी टीम के लोगों पर ही विश्वास नहीं है।
पीड़ित महिला की थी मदद
मंत्री राजेंद्र गुढ़ा ने कहा कि जिस वार्ड पंच दुर्ग सिंह ने मेरे खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है वो लोगों से धोखाधड़ी करने का काम करता है। मेरे क्षेत्र की रहने वाली एक पीड़ित महिला मेरे पास आई थी, जिसे इस व्यक्ति ने ठगा था।
उस महिला की दो बेटियों की शादी अभी कुछ दिन बाद होनी है और उसके पास पैसे का भी कोई इंतजाम नहीं था। महिला इतनी ज्यादा परेशान थी कि मुझे आशंका थी कि यह कोई गलत कदम नहीं उठा ले, इसलिए मैंने उस महिला को साथ लेकर दुर्ग सिंह को बुलाया और उससे पैसे देने को कहा, जिस पर दुर्ग सिंह ने कहा कि उसके पास अभी पैसे नहीं है 1 महीने के बाद दे देगा। तब मैंने अपनी जेब से उस महिला की मदद की थी।
मैंने दुर्ग सिंह के साथ मारपीट नहीं की
मंत्री गुढ़ा ने कहा कि मैंने दुर्ग सिंह के साथ में कोई मारपीट नहीं की उसका हाथ तो पहले ही एक्सीडेंट में टूटा हुआ था और न ही मैंने उसका किडनैप किया है यह सिर्फ केवल मुझे बदनाम करने के लिए इस तरह के मुकदमे दर्ज करवाए गए हैं। गौरतलब है कि नीम का थाना निवासी वार्ड पंच दुर्ग सिंह ने 27 जनवरी को मंत्री राजेंद्र गुढ़ा उनके ड्राइवर और पीए के खिलाफ मारपीट करने और अपहरण करने का मुकदमा दर्ज करवाया था जिसके बाद यह मामला सीआईडी सीबी को सौंपा गया था। वार्ड पंच ने आरोप लगाया था कि राजेंद्र गुढ़ा ने उनके साथ मारपीट की है और उनसे ब्लैंक चेक पर साइन करवाए हैं।
पहले गहलोत और अब पायलट के करीबी
दरअसल राज्यमंत्री राजेंद्र गुढ़ा को पहले मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का बेहद करीबी माना जाता था। साल 2020 में गहलोत सरकार पर आए सिसायी संकट के दौरान भी मंत्री राजेंद्र गुढ़ा गहलोत गुट के साथ मजबूती के साथ खड़े थे, यही नहीं, बसपा के 6 विधायकों का कांग्रेस में विलय कराने में भी उनकी अहम भूमिका थी लेकिन गहलोत सरकार में हुए मंत्रिमंडल पुनर्गठन में कैबिनेट मंत्री नहीं बनाए जाने से नाराज राजेंद्र गुढ़ा ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर निशाना साधना शुरू कर दिया था और पाला बदलते हुए सचिन पायलट खेमे के साथ खड़े हो गए थे।
बीते साल 25 सितंबर को रायशुमारी के लिए बुलाई विधायक दल की समानांतर बैठक बुलाए जाने को लेकर भी मंत्री राजेंद्र गुढ़ा ने ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उनके समर्थक मंत्रियों पर जमकर निशाना साधा था।
वीडियो देखेंः- Rajasthan politics: pratap singh khachariyawas पर Rajendra Singh Gudha का बड़ा बयान
Published on:
04 Feb 2023 11:45 am
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