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आरक्षित सीटों पर चुनाव लड़ने की व्यवस्था पुनः बहाल करने की उठाई मांग

मिशन हम भारत के ब्राह्मण संगठन की ओर से शुक्रवार को पांचबत्ती स्थित राजपूतसभा भवन में पदाधिकारियों की बैठक हुई। पदाधिकारियों ने कहा कि बैनर तले अब तक प्रदेश के मुख्य 33 ज़िलों, सात संभाग मुख्यालयों, 40 तहसील मुख्यालय पर बैठक हो चुकी है।

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जयपुर. मिशन हम भारत के ब्राह्मण संगठन की ओर से शुक्रवार को पांचबत्ती स्थित राजपूतसभा भवन में पदाधिकारियों की बैठक हुई। पदाधिकारियों ने कहा कि बैनर तले अब तक प्रदेश के मुख्य 33 ज़िलों, सात संभाग मुख्यालयों, 40 तहसील मुख्यालय पर बैठक हो चुकी है। ब्राह्मण मुख्यमंत्री की मांग, दोनों बड़ी पार्टियों से 70 सीटें ब्राह्मणों को और 71 सीटें राजपूतों को देने की मांग की गई। साथ ही एक बार ब्राह्मण फिर एक बार क्षत्रिय (राजपूत) को मुख्यमंत्री बनाने की मांग प्रमुखता से लगातार उठाई जा रही है। इस मौके पर संजय तिवाड़ी, कर्नल आर. एस. राजपुरोहित, क्षत्रिय समाज के प्रतिनिधि और राजपूत सभा अध्यक्ष रामसिंह चन्दलाई, ऋषिराज राठौड़ व मोतीसिंह सावली मौजूद रहे।

चौथे एजेंडा की घोषणा
ब्राह्मण समाज के प्रतिनिधि योगेश्वर नारायण शर्मा ने कहा कि पूर्व घोषित नीति के मुताबिक चौथे एजेंडे की घोषणा जयपुर में की गई। इसमें आरक्षित सीटों पर वर्ष 1952 व 1957 के आम चुनावों तक लागू रही दो सदस्यीय निर्वाचन क्षेत्र व्यवस्था फिर से बहाल करवाने की मांग उठाई गई। मिशन के ब्राह्मण-क्षत्रिय सदस्यों ने 59 आरक्षित सीटों में से क्रमशः रामगढ़, बगरू, बस्सी, दूदू, निवाई, सिकराय, कठूमर सहित 17 आरक्षित सीटों पर ब्राह्मण-क्षत्रियों के साथ बैठक कर समर्थन लिया है। इसमें आरक्षित सीटों पर वर्ष 1961 से पहले की दो सदस्यीय निर्वाचन क्षेत्र व्यवस्था लागू की जाए। आगे इन 17 सीटों से प्रधानमंत्री और दोनों पार्टियों के राष्ट्रीय अध्यक्षों को ज्ञापन भेजे गए हैं। दोनों पार्टियां उक्त मांग को घोषणा पत्र में शामिल कर केंद्र सरकार को भेजें। ऐसा नहीं होने पर मिशन हम भारत के ब्राह्मण-क्षत्रिय मजबूत क़दम उठाएंगे।