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धारीवाल के बयान पर दिव्या मदेरणा का पलटवार, कहा आपने भी आलाकमान को पानी पिलाया था

राजस्थान कांग्रेस में चल रही आपसी खींचतान कम होने का नाम नहीं ले रही है। पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जहां गुरुवार को जन संघर्ष यात्रा का आगाज किया है। वहीं ओसियां विधायक दिव्या मदेरणा ने एक बार फिर यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल पर धावा बोला।

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जयपुर

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Umesh Sharma

May 11, 2023

धारीवाल के बयान पर दिव्या मदेरणा का पलटवार, कहा आपने भी आलाकमान को पानी पिलाया था

धारीवाल के बयान पर दिव्या मदेरणा का पलटवार, कहा आपने भी आलाकमान को पानी पिलाया था

जयपुर। राजस्थान कांग्रेस में चल रही आपसी खींचतान कम होने का नाम नहीं ले रही है। पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जहां गुरुवार को जन संघर्ष यात्रा का आगाज किया है। वहीं ओसियां विधायक दिव्या मदेरणा ने एक बार फिर यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल पर धावा बोला। उन्होंने कहा कि 25 सितम्बर को अधिकृत विधायक दल का बहिष्कार कर समांतर विधायक दल की मीटिंग अपने ख़ुद के सरकारी आवास पर रखकर आलाकमान को पानी पिलाने का काम करने वाले आप स्वयं ही थे।

दरअसल मुख्यमंत्री ने जयपुर में गुरुवार को गुजरात के पूर्व राज्यपाल नवल किशोर शर्मा की मूर्ति का अनावरण किया। कार्यक्रम में धारीवाल ने अशोक गहलोत की तारीफ करते हुए कहा कि वो ऐसे नेता है जिन्होनें अच्छों अच्छों को पानी पिला दिया। उनके इस बयान से मदेरणा भड़की नजर आई। उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए धारीवाल पर धावा बोला। उन्होंने कहा कि जीव तो जानते ही हैं व अजीव पहाड़, रास्ते इत्यादि भी चिल्ला चिल्लाकर इस बात की पुष्टि करेंगे कि 1998 में 153 सीटों का जनादेश स्वर्गीय परसराम मदेरणा के नाम पर आया था और 1998 के बाद कांग्रेस कभी 100 का आंकड़ा पार नहीं कर पाई। ट्रिपल डिजिट से डबल डिजिट में ही सिमटी रही। राजस्थान एवं हिंदुस्तान के किसी नेता में दम नहीं था कि उन्हें पानी पिला देते। वे जनता के नेता थे, लेकिन उसूलों और सिद्धांतों के नेता भी थे।

परसराम मदेरणा कांग्रेस के निष्ठावान सिपाही थे

दिव्या ने लिखा कि पं. नवल किशोर शर्मा के मूर्ति अनावरण कार्यक्रम में शांति धारीवाल जी का यह बयान कि अशोक गहलोत ने कई बड़े-बड़े लोगो को पानी पिला दिया। जब पीसीसी चीफ थे,तो कई बड़े बड़े उम्मीदवार थे मुख्यमंत्री के लिए, लेकिन किसी को नहीं बनने दिया। मैं शांति धारीवाल के इस बयान की कड़े शब्दों में निंदा करती हूं। परसराम मदेरणा कांग्रेस के निष्ठावान सिपाही थे व उन्होंने नेहरू गांधी परिवार की किसी बात को कभी नहीं टाला।

आलाकमान का निर्णय सबको मंजूर होगा

उन्होंने लिखा कि 1998 उनके जीवन का आख़िरी चुनाव होगा, इसकी घोषणा चुनाव से पहले उन्होंने कर दी थी। फिर भी आलाकमान का आदेश सर आंखों पर और इसीलिए 1998 में उन्होंने ही माइक पर एक लाइन का प्रस्ताव पारित करवाया था की कांग्रेस आलाकमान जो निर्णय लेंगे व सब कांग्रेस जन को मंज़ूर होगा।