जयपुर। भाजपा प्रदेश मुख्य प्रवक्ता और विधायक रामलाल शर्मा ने सरकार के समर्थित मंत्री और विधायकों को दी नसीहत दी है कि यदि अधिकारी आप की नहीं सुनते तो सत्ता सुख का त्याग कर सरकार का खुलकर विरोध करें। शर्मा ने एक बयान में कहा कि राजस्थान सरकार के कई विधायक, मंत्री और दूसरे दल से चुनाव जीतकर आने वाले विधायक वर्तमान राजस्थान सरकार में बने हुए मंत्री सत्ता का सुख भोगने के लिए भी तत्पर रहते हैं और सत्ता के सुख के साथ-साथ जनता की सहानुभूति बटोरने का भी काम करते है। उन्होंने कहा कि ऐसे ही भरतपुर और झुंझुनूं से आने वाले मंत्री और कांग्रेस के अन्य कई विधायक यह कहते हुए मिल जाएंगे कि अधिकारी हमारा कहना नहीं मानते वरना हम तो जनता के लिए बहुत कुछ करने के लिए तैयार हैं और इस प्रकार अपनी नाराजगी जाहिर कर के जनता की सहानुभूति बटोरने का काम करते हैं। शर्मा ने कहा कि वास्तविकता यह है अधिकारी अगर आपका कहना नहीं मानते तो आपको सत्ता के अंदर एक मिनट भी रहने की आवश्यकता नहीं है, सत्ता से बाहर आकर फिर आप इस प्रकार की बात करें कि अधिकारी हमारा कहना नहीं मान रहे इसलिए हम सत्ता से बाहर रहेंगे। लेकिन सत्ता का सुख भोग रहे हैं और जनता की सहानुभूति बटोरने का काम भी करोगे, तो आज की जनता इतनी भोली भी नहीं है और जनता सब कुछ देख भी रही है और जनता सब कुछ समझ में रही है। आने वाले समय में जनता इसका मुंहतोड़ जवाब देगी।