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दस जिलों में पहुंची मोबाइल वाटर टेस्टिंग लेबोरेट्री वैन

जलदाय विभाग की स्टेट रेफरल सेंटर लेबोरेट्री से हुई रवाना

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दस जिलों में पहुंची मोबाइल वाटर टेस्टिंग लेबोरेट्री वैन

दस जिलों में पहुंची मोबाइल वाटर टेस्टिंग लेबोरेट्री वैन

अगले दस दिन परीक्षण के तौर पर जिलों में करेगी पानी गुणवत्ता जांच

जयपुर
छह महीने विलंब के बाद आखिरकार जलदाय विभाग ने प्रदेश के बीस जिलों में तैनात होने वाली मोबाइल वाटर टेस्टिंग लेबोरेट्री वैन को पहले चरण में दस जिलों के लिए रवाना किया। फिलहाल लैब वैन परीक्षण के तौर पर दस जिलों में पानी गुणवत्ता जांच करेगी। वहीं शेष दस जिलों के लिए भी वैन तैयार हो रही हैं।
गांधीनगर स्थित स्टेट रेफरल सेंटर लेबोरेट्री से मिली जानकारी के अनुसार बुधवार शाम विभाग ने डूंगरपुर, प्रतापगढ़, उदयपुर, सिरोही, बाड़मेर, जोधपुर, कोटा, बारां, झालावाड़ और अजमेर के लिए एक— एक मोबाइल वाटर टेस्टिंग लेबोरेट्री वैन रवाना
की है।
मोबाइल लैब जिलों के ग्रामीण इलाकों में पानी गुणवत्ता जांच का काम शुरू कर रही है और पहले चरण में परीक्षण के तौर पर शुरू हुई पानी सैंपलों की जांच रिपोर्ट के बाद लैब से ग्रामीण के साथ ही शहरी इलाकों में भी मौके पर ही पानी सैंपलों की जांच का काम शुरू होगा। स्टेट रेफरल सेंटर लेबोरेट्री के चीफ केमिस्ट राकेश माथुर ने बताया कि पहले चरण में दस लैब वैन रवाना की गई है और इसी माह के अंत तक शेष दस जिलों के लिए भी लैब वैन रवाना करने का लक्ष्य है।

वहीं दूसरी ओरस्टेट लैब के चीफ केमिस्ट बुधवार को आलाधिकारियों की फटकार के बाद करौली रवाना हुए। गौरतलब है कि न्यूज़ टुडे के 5 सितंबर के अंक में 'दूषित पानी से तीन की मौत, लैब पर लटक रहा तालाÓ शीर्षक से खबर प्रकाशित कर विभाग की जयपुर स्थित लैब में चल रहे डेप्युटेशन के खेल का खुलासा किया था। मंगलवार शाम को करौली में दूषित जलापूर्ति मामला उजागर होने पर चीफ केमिस्ट राकेश माथुर ने कागजों में करौली जिला लैब में तैनात जेएलए शकुंतला मीणा जो वर्तमान में जयपुर लैब में कार्यरत हैं को करौली के लिए रवाना किया लेकिन खुद नहीं गए। बीते बुधवार को न्यूज़ टुडे ने जलदाय मंत्री सुरेंद्र गोयल को विभाग के अफसरों की लापरवाही से अवगत कराया। जिस पर जलदाय मंत्री ने विभाग के अफसरों को कड़ी फटकार लगाई और चीफ केमिस्ट को करौली के लिए रवाना किया।