
गुरु को हमेशा से हमारे समाज में सबसे ऊंचा दर्जा दिया गया। क्योंकि वह ना केवल अपने शिष्यों का मार्ग दर्शक होता है, बल्कि उनका रखवाला भी माना जाता है। लेकिन जब गुरु ही अपने शिष्यों के साथ मर्यादा की सीमा को तोड़ दे तो समाज पर इसका बुरा असर तो पड़ेगा ही। ऐसा ही एक मामला राजस्थान के नागौर से सामने आया है, जिसे जानकर हर किसी का खून खौल जाए। दरअसल, एक कलयुगी शिक्षक ने पहले तो अपने प्रेम जाल में छात्रा को फंसा और फिर उसके साथ कई महीनों तक अश्लील हरकत और छेड़छाड़ कर परेशान करता रहा, लेकिन हद तब हो गई जब शिक्षक ने छात्रा के साथ बकायदा फोटो खींचकर सोशल मीडिया में अपलोड कर दी।
तो वहीं फोटो अपलोड होने के बाद पूरा मामला गांव में फैल गया और नाबालिक छात्रा के परिवार को इसकी भनक लग गई। जिसके बाद छात्रा के परिजनों ने यहां स्थित सुरपालिया थाने में कलयुगी टीचर के खिलाफ मामला दर्ज करवाया। जिसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत आरोपी शिक्षक को पोक्सो एक्ट के तहत गिरफ्तार कर लिया। और बाद में उसे जायल में न्यायिक मजिस्ट्रेट कालूराम के समक्ष पेश किया, जहां से कोर्ट ने आरोपी शिक्षक सोहनलाल मेघवाल को जेल भेज दिया।
गौरतलब है कि मामले में आरोपी शिक्षक सोहनलाल मेघवाल जायल ब्लॉक के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय डोडू में कार्यरत है और पास के अकोड़ा नामक गांव का निवासी है। सोहनलाल इस स्कूल में काफी लंबे समय से कार्यरत है, तो वहीं उसने आठवीं की नाबालिक छात्रा की अपने साथ की तस्वीर को दिल के एक सिंबल के साथ अपलोड करके फेसबुक पर शेयर की दी। तो वहीं आक्रोशित गांव वालों का कहना है कि इस मामले में स्कूल के अन्य शिक्षक भी आरोपी टीचर के सहयोगी हैं।
तो वहीं ग्रामीणों इस मामले पर काफी नारेबाजी की, साथ ही स्थानीय विधायक डॉ. मंजू बाघमार के खिलाफ भी नारे लगाए। जिसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी रजिया सुल्ताना ने संस्था प्रधान सवाईनाथ सिद्ध व भुगानाराम मेघवाल और मुकनाराम मेघवाल को एपीओ कर दिया, तब जाकर ग्रामीणों का गुस्सा शांत हुआ। आपको बता दें कि इसमें से मुकनाराम मेघवाल जो अपने रानीतिक रखूख का फायदा उठाकर लंबे समय से नियम विरूद्ध जायल बीईईओ आफिस में डेपुटेशन पर था, लेकिन पिछले दिनों हुए एक विवाद के बाद उसे डोडू भेज दिया गया था।
Published on:
16 Sept 2017 05:05 pm
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