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आखिरी दौर में प्रदेश में जमकर बरसे मेघ, त्रिवेणी से बीसलपुर बांध में हो रही है पानी की आवक

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जयपुर

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Dinesh Saini

Sep 28, 2018

sikar news

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जयपुर। प्रदेश के पश्चिमी इलाकों से शनिवार को Monsoon विदाई की मौसम केंद्र औपचारिक घोषणा करने वाला है। बीते तीन दिनों से प्रदेश के अधिकांश जिलों में बारिश का दौर थमा रहा है वहीं अब दिन में गर्मी के तेवर तीखे होने लगे हैं। हालांकि सुबह शाम में हवा में नमी के कारण मौसम का मिजाज ठंडा रहा है। पश्चिमी मैदानी इलाकों में दिन का तापमान 35 डिग्री व उससे ज्यादा रहने पर फिर से गर्मी का अहसास हो रहा है। मानसून के आखिरी दौर में प्रदेश में मेघ जमकर बरसे। बीते चार दिन में हुई भारी बारिश ने छोटे बड़े करीब 16 बांध लबालब हो गए। अब तक प्रदेश के 141 बांध छलक चुके हैं जबकि अब भी 324 बांधों में पानी की आवक का इंतजार बना रहा।

राजधानी में आज सुबह भी मौसम का मिजाज शुष्क रहा। दिन का तापमान सामान्य से ज्यादा दर्ज हो रहा है वहीं आसमान साफ रहने पर दिन में धूप की तपिश भी मौसम में गर्माहट बढ़ा रही है। जयपुर मौसम केंद्र के अनुसार शहर में आज सुबह मौसम शुष्क रहेगा वहीं दिन के तापमान में आंशिक बढ़ोतरी हो सकती है।


बारिश का आखिरी दौर बढ़ा गया आधा मीटर गेज
पांच दिन में Bisalpur dam में 48 सेमी पानी की आवक हुई। सीजन में पहली बार बीसलपुर का गेज 310 आरएल मीटर पार हुआ है। आज सुबह छह बजे बांध का गेज 10.08 आरएल मीटर दर्ज हुआ।

त्रिवेणी से बांध में हो रही है पानी की आवक
जयपुर को दो महीने जलापूर्ति जितना पानी बांध में उपलब्ध हो गया है। प्रदेश से मानसून अगले चौबीस घंटे में लगभग विदा हो जाएगा, लेकिन विदाई से पहले बीते सप्ताह चले बारिश के आखिरी दौर ने जयपुर, टोंक और अजमेर की लाइफ लाइन बीसलपुर बांध में दो महीने जलापूर्ति लायक पानी का इंतजाम कर दिया है। हालांकि बीते तीन दिन से प्रदेशभर में बारिश का दौर थमा हुआ है बावजूद इसके बांध में पानी की आवक लगातार हो रही है। बीसलपुर कंट्रोल रूम के अनुसार आज सुबह छह बजे बांध का जलस्तर 310.08 आरएल मीटर रिकॉर्ड हुआ है जो इस सीजन का सर्वाधिक स्तर रहा है। त्रिवेणी में अब भी पानी का बहाव 1.70 मीटर उंचाई पर चल रहा है जिससे बांध में लगातार पानी की आवक बनी हुई है। बीती रात तक औसतन प्रतिघंटे बांध का जलस्तर एक सेंटीमीटर तक बढ़ रहा था जो आज सुबह थोड़ा कम हुआ है, लेकिन फिर भी अगले तीन चार दिन तक बांध में पानी की आवक बने रहने की उम्मीद है।