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Weather Update: आज इन जिलों में होगी झमाझम बारिश, IMD ने दिया अलर्ट

Monsoon Update: कई दिन के इंतजार के बाद शहर में बुधवार को बरसात हुई। सुबह की शुरुआत तेज गर्मी से हुई मगर दोपहर बाद अचानक आसमान में बादल छा गए। आधे घंटे तक झमाझम बरसात के बाद शाम सुहावनी हो गई।

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Monsoon Update: कई दिन के इंतजार के बाद शहर में बुधवार को बरसात हुई। सुबह की शुरुआत तेज गर्मी से हुई मगर दोपहर बाद अचानक आसमान में बादल छा गए। आधे घंटे तक झमाझम बरसात के बाद शाम सुहावनी हो गई। मौसम केंद्र ने 2.3 मिमी बरसात दर्ज की। इतनी कम बरसात के बावजूद शहर के कुछ इलाकों में सड़कों पर पानी भर गया। मौसम केंद्र के अनुसार यह बरसात लोकल स्तर पर हवा में नमी के कारण हुई है। गुरुवार को भी मेघगर्जन या हल्की बरसात की संभावना है।
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आज मेघगर्जन के साथ होगी हल्की बारिश
मौसम केंद्र के अनुसार अभी बंगाल की खाड़ी या अरब सागर में राजस्थान में बरसात के लिए सिस्टम नहीं बना है। यह बरसात लोकल स्तर पर हवा में नमी के कारण हुई है। बरसात के सीजन में हवा में नमी की मात्रा होती है। दो दिन से तेज धूप के कारण लोकल सिस्टम बना और बारिश हुई। मौसम केंद्र के अनुसार गुरुवार को भी मेघगर्जन या हल्की बरसात होने की संभावना है। हालांकि मौसम केंद्र जयपुर ने पूर्वानुमान जारी कर राजस्थान में कमजोर मानसून परिस्थितियां आगामी एक सप्ताह के दौरान जारी रहने की प्रबल संभावना जताई है। इस दौरान अधिकांश भागों में मौसम शुष्क रहेगा।
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इस कारण कम हुई बरसात
मानसून काल जून से सितम्बर तक होता है। सितंबर में वापस मानसून सक्रिय होने के बाद बारिश का इक्का-दुक्का स्पैल प्राप्त हो सकता है। मानसून की ट्रफ लाइन के इर्द-गिर्द ही बरसात की गतिविधियां होती है। सितंबर के दूसरे पखवाड़े में पश्चिमी राजस्थान से मानसून लौटना शुरू हो जाएगा। मौसम विभाग के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र का कहना है कि अगस्त में सामान्य से कम बारिश का मुख्य कारण अल-नीनो है। दूसरा कारण दक्षिण चीन सागर में कम दबाव वाली प्रणालियों की कम संख्या भी है। मौजूदा अल नीनो स्थितियों के प्रभाव में बंगाल की खाड़ी पर सामान्य पांच के मुकाबले केवल दो कम दबाव वाली प्रणालियां बनी हैं। इसके साथ ही ‘मैडेन जूलियन ऑसिलेशन’ का प्रतिकूल चरण भी देखा जा रहा है। यह एक समुद्री-वायुमंडलीय घटना है, जो मौसम की गतिविधियों को प्रभावित करती है।