प्रदेश के आठ लाख से ज्यादा बीएड एवं बीएसटीसी धारक अभ्यर्थियों को तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती से पहले शिक्षक पात्रता का प्रमाण पत्र लेना होगा क्योंकि जिन अभ्यर्थियों ने आरटेट एवं रीट परीक्षा पास कर शिक्षक पात्रता का प्रमाण पत्र ले रखा था उनके प्रमाण पत्रों की वैधता से साल खत्म हो गई और प्रदेश के लाखों अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्र रद्द हो गए हैं। प्रमाण पत्रों की वैधता खत्म हो जाने के कारण उन्हें अब नए सिरे से शिक्षक पात्रता प्राप्त करनी होगी। इस साल अगस्त में बेरोजगारों के रीट.आरटेट के 7,49,992 प्रमाण पत्र रद्द हो गए। 4 अगस्त को 2,01,392 और 31 जुलाई को 5,48,600 अभ्यर्थियों के प्रमाण.पत्रों की वैद्यता खत्म हो गई।
जानकारी के मुताबिक 1,93,199 अभ्यर्थियों के रीट प्रमाण पत्रों की वैलेडिटी पिछले साल मई में ही खत्म हो गई थी। प्रदेश में अब तक 9,43,191 रीट.आरटेट प्रमाण पत्र रद्द हो चुके हैं। चार बार हुई आरटेट.रीट में 12,61,258 अभ्यर्थियों ने शिक्षक पात्रता प्राप्त की थी। अब महज 3,18,067 अभ्यर्थियों के पास ही पात्रता है।
इनमें से भी लेवल वन के प्रमाण पत्रों की अगले साल अप्रैल तक और लेवल टू के प्रमाण पत्रों की वैलेडिटी जुलाई 2021 तक रहेगी। जिनके प्रमाण पत्र रद्द हुए हैं वे बेसब्री से रीट का इंतजार कर रहे हैं। इतनी बड़ी संख्या में रीट प्रमाण.पत्रों की वैद्यता खत्म होने से अब होने वाली रीट में रिकॉर्ड संख्या में अभ्यर्थियों के शामिल होने की संभावना है।
इसलिए खत्म हो गई सर्टिफिकेट की वैलेडिटी
उच्च न्यायालय के अधिवक्ता संदीप कलवानिया ने बताया कि सरकार ने वर्ष 2011 और 2012 में आयोजित आरटेट के प्रमाण पत्रों की वैद्यता अवधि 7 साल और वर्ष 2015 और 2017 में हुई रीट के प्रमाण पत्रों की 3 साल तय थी। उनकी वैद्यता अवधि इस साल पूरी हो गई है। अब इन अभ्यर्थियों को दोबारा से परीक्षा में सम्मिलित होकर शिक्षक पात्रता प्रमाण पत्र प्राप्त करना होगा।
बाइट: संदीप कलवानिया, अधिवक्ता
सीएम ने दी 31 हजार तृतीय श्रेणी शिक्षकों की भर्ती को मंजूरी
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 31 हजार तृतीय श्रेणी शिक्षकों की भर्ती को मंजूरी दे दी है। रीट परीक्षा होने के बाद इन शिक्षकों की भर्ती की जाएगी। सीएम ने वर्ष 2020.21 के बजट भाषण में कुल 53 हजार पदों की भर्ती की घोषणा की थी। इनमें से 41 हजार पद शिक्षा विभाग के हैं। शिक्षा विभाग ने 31 हजार तृतीय श्रेणी शिक्षकों की भर्ती के संबंध में प्रस्ताव वित्त विभाग को भेजा था, जिसे मुख्यमंत्री ने मंजूरी दे दी है। इन पदों पर भर्ती से राज्य सरकार पर 2 साल तक परीवीक्षा काल में 881.61 करोड़ और इसके बाद 1717.40 करोड़ रुपए प्रतिवर्ष का वित्तीय भार आएगा।