नौ स्वरूपों की आराधना शुरू
शारदीय नवरात्रा के पहले दिन शैलपुत्री और ब्रह्मचारिणी की पूजा
मंदिरों में लगी भक्तों की कतार, बाजार भी गुलजार
जयपुर। आस्था और शक्ति के विश्वास मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की उपासना का पर्व शारदीय नवरात्रा बुधवार से शुरू हो गया है। पहले दिन सुबह घरों और मंदिरों में मां दुर्गा के जयकारों के साथ घट स्थापना की गई। माता के भक्तों ने आरती करते हुए सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिरों में माता के स्वरूपों की सजी झांकियां देखने के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। पूजा-अर्चना के साथ भक्तों ने माता को चुनरी ओढ़ाई। मंदिरों में भजनों की प्रस्तुति हुई। आमेर स्थित शिला माता मंदिर में भी दर्शनार्थियों की भीड़ देखने को मिली। इसके अलावा दुर्गापुरा स्थित प्राचीन दुर्गा माता मंदिर, कनक घाटी स्थित देवी मनसा माता मंदिर, राजस्थान पुलिस अकादमी स्थित मंदिर, गीता देवी गायत्री मंदिर गलता गेट, राजापार्क पंचवटी सर्किल स्थित मां वैष्णो देवी मंदिर में भक्तों की भीड़ लगी रही। मंदिरों में नवाह्न परायण पाठ हुए। भक्तों ने नौ दिन के लिए उपवास शुरू किए।
कलश स्थापना और अखंड ज्योति
पहले दिन कलश स्थापना के बाद मां शैलपुत्री और मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की गई। घर और मंदिरों में अखंड ज्योति जली। साथ ही, व्यापार प्रतिष्ठानों की शुरूआत, नए वाहन खरीदने और अन्य लेन-देन भी काफी किए गए। अब १८ अक्टूबर तक नवरात्रों में मां चंद्रघंटा, मां कुष्मांडा सहित नौ रूपों की आराधना की जाएगी।
भुवनेश्वरी माता का किया सोडशोपचार पूजन : जयपुर। बड़ी चौपड़ स्थित लक्ष्मीनारायण मंदिर के भुवनेश्वरी और पीतांबरा साधना केंद्र में भी शुभ मुहूर्त में घट स्थापना की गई। महंत पुरुषोत्तम भारती ने माताजी का साडशोपचार पूजन कर नख से शिख तक श्रृंगार किया। इसके बाद दुर्गासप्तशती के पाठ किए। नवदुर्गा गरबा मंडल सुभाष चौक की ओर से बड़ी चौपड़ स्थित लक्ष्मीनारायण बाईजी मंदिर में बुधवार शाम को दस दिवसीय डांडिया-गरबा महोत्सव का शुभारंभ हुआ। मंडल के अध्यक्ष धर्मेन्द्र पटेल, राकेश नागर, घनश्याम भाई, अम्बालाल पटेल, चेतन भाई और श्रद्धालुओं ने महंत पुरुषोत्तम भारती के सान्निध्य में दुर्गा मैया की आरती उतारी। यहां 19 अक्टूबर तक रात को नौ बजे से गरबा और डांडिया का कार्यक्रम होगा
गायत्री मंत्र के अनुष्ठान : अखिल विश्व गायत्री परिवार की ओर से ब्रह्मपुरी स्थित शक्तिपीठ, वीटी रोड मानसरोवर, दुर्गापुरा, मालवीयनगर, विद्याधरनगर, वैशालीनगर स्थित चेतना केन्द्रों पर सुबह घट स्थापना के साथ सामूहिक नवरात्रि साधना का अनुष्ठान प्रारंभ हुआ।