जयपुर। कर्नाटक चुनाव के लिए कांग्रेस के घोषणापत्र में बजरंग दल पर प्रतिबंध लगाने का वादा किया गया है। कांग्रेस की इस घोषणा पर पूर देश में बवाल मच गया है। भाजपा नेताओं ने इसे कांग्रेस की तुष्टिकरण की नीति बताया है। अलवर सांसद बाबा बालक नाथ ने कांग्रेस के इस निर्णय को उनकी विनाश का कारण बताया है। उन्होंने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर हमला बोला और कहा कि गहलोत कर्नाटक प्रचार करने नहीं बल्कि बजरंगबली को बंदी बनाने गए थे। अब बजरंगबली उन्हें आने वाले विधानसभा चुनाव में पटखनी देंगे।
बालक नाथ ने कहा कि पीएफआई भारत में सम्प्रदायिता भड़काने का काम कर रही है। इनका आतंकवादी गतिविधियों से भी संबंध रहा है। करौली में हुए सांप्रदायिक तनाव में भी पीएफआई का रोल था। मगर कांग्रेस ने हमेशा इसका समर्थन किया है। यह वही कांग्रेस है, जिसने भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाते हुए उन्हें काल्पनिक बताया था। कांग्रेस की हमेशा से नीति रही है कि वह सनातन धर्म को देश में खत्म कर दे। यही वजह है कांग्रेस अपने घोषणा पत्र में बजरंग दल को बैन करने की बात कर रही है।