
जयपुर।
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के नेतृत्व में 'भारत जोड़ो यात्रा' का आगाज़ भाजपा के 'गढ़' झालावाड़ से होने को लेकर चर्चाएं राजनीतिक गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक पर हो रही है। इन्हीं चर्चाओं के बीच पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के पुत्र और झालावाड़-बारां सांसद दुष्यंत सिंह की प्रतिक्रिया आई है। उन्होंने कांग्रेस नेताओं के उन बयानों और आरोपों का खंडन किया है जिसमें प्रचारित किया जा रहा है कि झालावाड़ में वसुंधरा राजे के भय के बावजूद राहुल गांधी का भव्य स्वागत हुआ है।
'भय का नहीं, भावनाओं का रिश्ता'
सांसद दुष्यंत सिंह ने ट्वीट प्रतिक्रिया जारी करते हुए विरोधियों को निशाने पर लिया है। उन्होंने कहा, 'भाई! झालावाड़ से पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का भय का नहीं, भावनाओं का रिश्ता है। क्योंकि उन्होंने 36 की 36 कौमों को साथ लेकर इस क्षेत्र का विकास करवाया है।'
'दिलों को जोड़ने का मिल रहा प्रमाण'
सांसद ने कहा, 'राजे ने अपने राजनीतिक जीवन में हमेशा लोगों के दिलों को जोड़ने का काम किया है और झालावाड़ इसका प्रमाण है। इसलिए उन्हें यहां से 5 बार सांसद और 4 बार विधायक चुने जाने का गौरव हासिल हुआ है। इसके पूर्व वे धौलपुर से विधायक रहीं।'
'राजे के नेतृत्व में मैं स्वयं चौथी बार सांसद'
एक अन्य प्रतिक्रिया में सांसद दुष्यंत ने कहा, 'राजे के कुशल नेतृत्व में ही मैं स्वयं चौथी बार सांसद के रूप में जनता की सेवा कर रहा हूं। लगातार यह जीत भय के कारण नहीं, बल्कि विकास के प्रति पूर्व मुख्यमंत्री जी के समर्पित भाव एवं कार्यकर्ताओं के साथ भावनात्मक लगाव की वजह से हुई है।'
'पहले वसुंधरा जितना चुनाव जीतें, फिर दें बयान'
उन्होंने कहा कि वास्तव में भय तो राजस्थान में कांग्रेस की सरकार को जनता से है, इसीलिए हार के भय से बौखलाई कांग्रेस ऐसे बयान दे रही है। ऐसा बयान देने वाले नेताजी पहले लगातार वसुंधरा राजे जी के जितना चुनाव जीतें, फिर ऐसे बयान दें।
Published on:
06 Dec 2022 11:55 am
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